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उभ्भा कांड की तीसरी बरसी आज: अलर्ट मोड में पुलिस-प्रशासन, 11 आदिवासियों की हत्या के बाद सुर्खियों में आया था यह गुमनाम गांव

Sun, 17 Jul 2022 12:32 PM IST
वाराणसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनभद्र

सार

सोनभद्र के उभ्भा गांव में वर्ष 2019 में 17 जुलाई को जमीन विवाद में हुए गोलीकांड में 11 आदिवासियों की मौत हो गई थी। वहीं दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए थे। उभ्भा कांड की तीसरी बरसी आज है। जिसे लेकर पुलिस-प्रशासन अलर्ट है। 
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उभ्भा कांड की तीसरी बरसी आज - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उभ्भा कांड की तीसरी बरसी को लेकर पुलिस-प्रशासन अलर्ट है। गांवों को चारों तरफ बैरियर लगाकर सील कर दिया गया है, ताकि कोई भी बाहरी व्यक्ति वहां प्रवेश न कर सके। प्रशासन ने बरसी मनाने के लिए कांग्रेस सहित तीन संगठनों की ओर से दिए गए आवेदन को कोविड संक्रमण और धारा-144 का हवाला देते हुए खारिज कर दिया है। कई थानों की फोर्स और पीएसी गांव में सुरक्षा के लिए मुस्तैद है।

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सोनभद्र जिले के घोरावल तहसील के उभ्भा गांव में 17 जुलाई 2019 को जमीन विवाद में 11  आदिवासियों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वहीं दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए थे।सामूहिक नरसंहार का यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आया था।

उभ्भा जाने वाले हर मार्ग पर बरती जा रही चौकसी 
मुख्यमंत्री सहित विभिन्न दलों के शीर्ष नेताओं ने यहां पहुंचकर पीड़ित परिवारों को न्याय का भरोसा दिलाया था। घटना में मारे गए आदिवासियों की स्मृति में कांग्रेस सहित विभिन्न संगठन बरसी मनाते हैं। इस बार प्रशासन ने किसी प्रकार के कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी है। गांव को कड़ी सुरक्षा के बीच चारों तरफ से सील कर दिया गया है, जिससे कोई भी बाहरी व्यक्ति प्रवेश न कर सके।

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उम्भा गांव में प्रवेश करने वालों मार्गों पर पुलिस का सख्त पहरा - फोटो : अमर उजाला
उभ्भा को जाने वाले हर मार्ग पर चौकसी बरती जा रही है। घोरावल, शाहगंज सहित गई थानों की फोर्स व पीएसी तैनात है। एसडीएम श्याम प्रताप सिंह, सीओ संजीव कटियार, एसओ गोपाल जी लगातार गांव के हालात पर नजर बनाए हुए हैं। सीओ संजीव कटियार ने बताया कि जिले में धारा-144 लागू है। कोविड के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए भी किसी सार्वजनिक कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी गई है। लोग व्यक्तिगत तौर पर अपने-अपने घरों में बरसी मना सकते हैं।
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उधर, बरसी मनाने की अनुमति न मिलने से कांग्रेसियों ने आपत्ति जताई है। जिलाध्यक्ष रामराज गोंड का कहना है कि इस घटना में मारे गए लोगों को बरसी पर श्रद्धांजलि देने से भी प्रशासन रोक रहा है। यह उचित नहीं है। सत्ता पक्ष और उससे जुड़े संगठनों के तमाम कार्यक्रम हो रहे हैं, लेकिन विपक्ष के आयोजनों को कोविड का बहाना बताकर अनुमति न देना अलोकतांत्रिक है।
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