सोनभद्र। शहीद स्थल प्रबंधन ट्रस्ट करारी सोनभद्र व सोनांचल साहित्यकार परिषद सोनभद्र की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आत्मप्रकाश तिवारी के आवास पर बृहस्पतिवार को कवि गोष्ठी आयोजित की गई। अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार रमाशंकर पांडेय विकल ने शिक्षक व साहित्यकार कांता प्रसाद द्विवेदी, कौशल्या कुमारी चौहान कवयित्री ईश्वर विरागी अरुण तिवारी का अभिनंदन किया। प्रद्युम्न तिवारी ने संस्था की तरफ से रमाशंकर पांडेय विकल का अभिनंदन किया। मां वाग्देवी की वंदना ईश्वर विरागी ने मां शारदे मां शारदे मिटे ज्वाल जग जीवन से, सिंचित धरा गगन उर कर दें सुनाया और विधिवत् आगाज हुआ। कवयित्री कौशल्या चौहान ने पुष्प बनकर मैं खुश्बू लुटाती रहूं, कांटे दामन में अपने छिपाती रहूं, शारदे शक्ति दे जागरण नित करूं राष्ट्र हित में सदा गीत गाती रहूं..काफी सराही गई। शायर जुल्फेकार हैदर खां ने हालात जैसे भी हों सम्हाल कर रखना.. सुनाया। अरुण तिवारी ने जन-जन के जागरण का संविधान सोन है। सुनाकर सोनभद्र का बखान किया। धर्मेश चौहान ने बड़ा ही न्यारा बड़ा ही न्यारा हिंदुस्तान मेरा है.. सुनाया और देश की वंदना किया। इसी तरह से अशोक श्रीवास्तव, राघवेन्द्र उपाध्याय, देवानंद पांडेय, आत्मप्रकाश तिवारी, अखिलेश दूबे, कृष्ण कुमार दूबे, संजय कुमार सिंह आदि ने भी अपने वक्तव्य दिया। इस मौके पर दिवाकर द्विवेदी, रिषभ, शिवमोचन, फारुख अली हाशमी, ठाकुर कुशवाहा, शिखा, दिलीप सिंह, प्रभात सिंह चंदेल आदि रहे।