यूपी सरकार की अति महत्वपूर्ण योजनाओं में शामिल डॉ. राम मनोहर लोहिया आवास के जल्द निर्माण को लेकर जिला प्रशासन गंभीर है। डीएम ने निर्माण न कराने वाले लाभार्थियों और गांव के सेक्रेटरियों पर शिकंजा कसने का निर्देश दिया है। जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक एनएन मिश्रा ने तीन सेक्रेटरियों को नोटिस जारी किया है। पूछा है कि आवास निर्माण को लेकर लापरवाही पर क्यों ने उनसे रिकवरी की कार्रवाई की जाए।
जिले के चयनित लोहिया गांवों में प्रतिवर्ष पात्रों को डा. राम मनोहर लोहिया आवास का वितरण किया जाता है। नियम है कि जब पात्र को पहली किश्त जारी होगी तो उससे छत स्तर तक का काम कराया जाएगा। इसके सत्यापन के बाद ही दूसरी किश्त आवंटित होगी। लेकिन तमाम जगहों पर ऐसा नहीं हो रहा है। इसका खुलासा जिला स्तर के अधिकारियों की जांच में हो रहा है। इस बाबत जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक एनएन मिश्रा ने बताया कि डीएम सीबी सिंह के निर्देश पर उन्होंने चतरा ब्लॉक के पिथौरी, चोपन के कोरट और एक अन्य लोहिया गांव का निरीक्षण किया। यहां जांच में पाया कि बगैर छत तक का कार्य कराए ही पात्रों को दूसरी किश्त भीआवंटित कर दी गई है। इस पर उन्होंने सेक्रेटरियों को नोटिस जारी किया है। पूछा है कि आखिरकार किस आधार पर पात्र लाभार्थियों को दूसरी किश्त जारी हुई। कहा कि आवास निर्माण के लिए धन पात्र लाभार्थियों को मिलता है लेकिन निर्माण के मानीटरिंग की पूरी जिम्मेदारी सेक्रेटरी की है। इसलिए उन्होंने सेक्रेटरी सुरेश सिंह, अमरेश चंद्र प्रियदर्शी और अरूण वर्मा को नोटिस जारी किया है।