विंण्ढमगंज। जिलाधिकारी एस. राजलिंगम ने रेनुकूट वन प्रभाग के विंढमगंज रेंज के रेंजर और डिप्टी रेंजर के खिलाफ मिली शिकायतों की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी है। टीम पिछले तीन वर्षों में कनहर व मलिया नदी से हुए अवैध खनन और रेलवे दोहरीकरण सहित अन्य संस्थानों में बेचे गए बालू एवं ट्रैक्टर संचालकों से की गई धनउगाही के आरोपों की जांच करेगी। टीम दस दिन में जांच कर रिपोर्ट डीएम को सौंपेगी।
कुछ दिनों पूर्व विण्ढमगंज क्षेत्र के कई ट्रैक्टर मालिकों ने कलेक्ट्रेट पहुंच कर डीएम को रेंजर और डिप्टी रेंजर के खिलाफ शिकायती पत्र सौंप कर उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की थी। वाहन स्वामियों का आरोप है कि रेलवे दोहरीकरण सहित अन्य कंपनियों में बालू गिराने हेतु ट्रैक्टर मालिकों से अवैध धन वसूली की गई है। वसूला गया धन वापस मांगने पर एफआईआर कराने व जान से मारने की धमकी दिए दी जाती है। रेलवे दोहरीकरण में लगे ठेकेदारों की मिलीभगत से लगभग तीन वर्षों से फर्जी रॉयलिटी पेपर का इस्तेमाल कर राजस्व को क्षति पहुंचाई गई है। इसकी उच्चस्तरीय जांच होने पर सच्चाई खुलकर सामने आ जाएगी। डीएम ने उपजिलाधिकारी दुद्धी , ज्येष्ठ खान अधिकारी व गैर क्षेत्र के उपप्रभागीय अधिकारी को जांच के लिए नामित किया है। उधर जांच कमेटी गठित होने की जानकारी मिलते ही संबंधितों में खलबली मच गई है।