रामगढ़। चतरा ब्लाॅक के भीखमपुर गांव के जईअड़ार टोले में चार दिनों के अंदर डायरिया से तीन लोगों की मौत होने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया है। गांव में अभी भी छह लोग अस्पताल में भर्ती है। शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच की और दवाएं वितरित कीं। ग्रामीणों से पानी उबालकर पीने और खान-पान में सावधानी बरतने को कहा गया।
जईअड़ार टोले की मुसहर बस्ती निवासी सुड्डू मुसहर की बेटी तेतरी (30) की शादी नौगढ़ में हुई थी। वहां डायरिया का प्रकोप पहले से था। इससे बचने के लिए वह मंगलवार को मायके आ गई। यहां उसकी तबीयत बिगड़ गई। उल्टी-दस्त की शिकायत पर परिजन उपचार करा रहे थे। इस बीच उसकी मौत हो गई। इसके बाद बुधवार को इसी बस्ती के गोविंद की पुत्री अंजली (13) ने भी बीमारी से दम तोड़ दिया। सूचना पाकर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर एंबुलेंस से नरेश (65), कन्हैया (23), फूलन देवी (27), चांदनी (35), इंद्रावती (9), सीमा (6), मालती (4) को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां बृहस्पतिवार की शाम नरेश ने भी दम तोड़ दिया। शुक्रवार को प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. शुभम त्रिपाठी, डाॅ. कीर्ति आजाद बिंद टीम के साथ गांव पहुंचे। कैंप लगाकर दवा का वितरण किया। डॉ. शुभम त्रिपाठी ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है। ग्रामीणाें को ओआरएस का घोल पीने और उबले पानी का प्रयोग करने की सलाह दी गई है।