सोनभद्र। फर्जी दस्तावेजों के सहारे यूपी से चावल छत्तीसगढ़ पहुंचाने के मामले का भंडाफोड़ हुआ है। मंडी सचिव ने 955 क्विंटल चावल लदे तीन ट्रक पकड़े हैं। चावल की कीमत 28 लाख है। चालकों से मिले कागजात में चावल को बिहार ले जाए जाने का जिक्र था। राजस्व की बड़ी चोरी उजागर होने के बाद अफसरों की चिंता बढ़ गई है। तीनों ट्रकों के संचालकों से चार लाख रुपये जुर्माना वसूल किया गया है। सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
चार राज्यों की सीमा पर स्थित होने का लाभ जालसाज लंबे समय से उठाते रहे हैं। मादक पदार्थों की तस्करी के बाद अब राशन की कालाबाजारी भी सामने आई है। बिहार में खाद्यान्न पर कोई टैक्स नहीं है, जबकि अन्य राज्यों में अलग-अलग टैक्स निर्धारित है। इसी का लाभ लेते हुए चावल को फर्जी कागजात से छत्तीसगढ़ पहुंचाया जा रहा था। मंडी सचिव रविकांत झा ने बताया कि डीएम के निर्देश पर खाद्यान्न लदे वाहनों की जांच शुरू की गई तो यह गड़बड़ी सामने आई। हिंदुआरी तिराहे के पास चेकिंग के दौरान चावल लदे तीन ट्रक पकड़े गए। इन ट्रकों पर गाजीपुर के जंगीपुर मंडी से माल लादा गया था। चावल को बिहार ले जाए जाने की बात कहते हुए परिवहन कागजात तैयार किए गए, मगर रास्ते से ट्रक को छत्तीसगढ़ की ओर मोड़ दिया गया था। जांच में पकड़े गए तीनों ट्रकों पर कुल 955.20 क्विंटल चावल लदा था। छानबीन के बाद मंडी शुल्क का दस गुना कुल चार लाख रुपये जुर्माना वसूला गया। बताया कि इस मामले के बाद बिहार और छत्तीसगढ़ जाने वाले मार्गों पर सतर्कता बढ़ा दी गई है। सीमावर्ती इलाकों पर निगरानी कराई जा रही है, ताकि राजस्व चोरी कर कोई अन्य वाहन दूसरे राज्यों में न जा सके।