पिछले कई वर्षों से कम बारिश से जूझ रहे जिले पर मानसून इस बार ज्यादा मेहरबान रहा है। अगस्त के बाद अब सितंबर में भी बारिश ने अपना कोटा पूरा कर लिया है। महज तीन दिनों में ही 166.5 एमएम की औसत वर्षा जिले में रिकॉर्ड की गई है।
सितंबर में लगभग औसत वर्षा का आंकड़ा भी इसी के आसपास है। माह में अभी दस दिन और शेष हैं। मौसम विभाग की ओर से आगे भी अच्छी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके मद्देनजर प्रशासन सतर्क है।
घने जंगल, पहाड़ से घिरे जिले में वर्षा का औसत हमेशा से अच्छा रहा है। इसके चलते यहां के बांध-बंधियों में भरपूर पानी रहता है। पिछले कुछ वर्षों से बारिश में कमी के चलते जलाशय नहीं भर पा रहे थे।
इस साल 30 जुलाई तक भी ऐसी ही स्थिति थी। लोग सूखे की आशंका से चिंतित थे, मगर इसके बाद मौसम ऐसा मेहरबान हुआ कि कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बन आई है। इस बार जुलाई में कुल 154.25 एमएम वर्षा दर्ज की गई थी, जो इस माह में होने वाली मानक वर्षा का करीब 50 फीसदी रहा।
अगस्त में मानक वर्षा का आंकड़ा 360 एमएम का है, जिसके सापेक्ष इस बार 438 एमएम बरसात हुई है। यह मानक का 121 प्रतिशत है। सितंबर में भी मानक वर्षा 190 एमएम के आसपास है। इसके सापेक्ष सिर्फ 15 से 17 सितंबर के बीच ही 166.50 एमएम की वर्षा हो चुकी है।
इससे पहले के 15 दिनों में भी छिटपुट 15-20 एमएम की वर्षा हो चुकी थी। इस माह में अभी भी 10 दिन शेष हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि सितंबर में भी मानक से अधिक वर्षा होगी। बांध-बंधियों की सुरक्षा व नदियों के तटवर्ती इलाकों में लगातार गश्त कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए जा रहे हैं।