सोनभद्र। मौनी अमावस्या पर महाकुंभ में स्नान के लिए जिले से बड़ी संख्या में लोग प्रयागराज गए थे। वहां भीड़ के बीच बिछड़ गए। इस बीच हादसे की खबर ने उन्हें भयभीत कर दिया। मेला क्षेत्र में काफी खोजबीन के बाद भी कुछ पता न चलने पर वह उदास होकर लौटे थे। घर पहुंचकर अपने प्रियजनों को सकुशल देख उनके चेहरे खिल उठे।
रॉबर्ट्सगंज निवासी कैलाश प्रसाद अपनी पत्नी चंपा देवी, पोते और दामाद के साथ मौनी अमावस्या पर स्नान के लिए प्रयागराज गए थे। स्नान के वक्त सभी साथ थे, लेकिन इसके बाद भीड़ में कैलाश प्रसाद का साथ छूट गया। मेला क्षेत्र में काफी खोजबीन के बाद भी उनका पता नहीं चल रहा था। उनके पास मोबाइल फोन भी नहीं था। इस बीच हादसे की खबर से परिवार एक-दूसरे की कुशलता को लेकर परेशान हो गया था। सुरक्षा के मद्देनजर श्रद्धालुओं की भीड़ को मेला क्षेत्र से लगातार बाहर निकाले जाने के चलते चंपा देवी अन्य परिजनों के साथ उदास मन से घर लौट रही थीं। यहां भी परिजन कैलाश प्रसाद को लेकर व्याकुल थे। हर आने-जाने वाली बस, ट्रेन में उन्हें ढूंढ रहे थे। बृहस्पतिवार की सुबह जब स्टेशन पर पुत्र रामकृपाल ने पिता कैलाश प्रसाद को ट्रेन से उतरते देखा तो भावुक हो गए। आंखें नम थीं, तो दिल में खुशी छलक रही थी। उधर, कैलाश प्रसाद को भी जब बेटे के जरिये पत्नी और अन्य परिजनों के दूसरी बस से सकुशन वापस आने की जानकारी मिली तो उन्होंने चैन की सांस ली। सुनील गुप्ता, पत्नी सिंपल, बेटी शिमला के साथ बुधवार की शाम को महाकुंभ नहाने के लिए स्थानीय लोगों के समूह में निकले थे। मेले में वह बिछड़े तो फिर संपर्क नहीं हो पाया। घर लौटने पर सभी के सकुशल होने की जानकारी मिली।
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मौत के मुंह से बच आईं सास-बहू, प्रशासन को दिया धन्यवाद
- कहा: इतनी भीड़ में जाना ही ठीक नहीं, गंगा मइया ने रखा सुरक्षित
अमर उजाला ब्यूरो
सोनभद्र। मौनी अमावस्या पर स्नान के दौरान बुधवार की रात करीब 2 बजे जब हादसा हुआ तो लालमनी देवी और उनकी बहू रानी भी उसी क्षेत्र में थीं। भीड़ के दबाव में दोनों फंस गई थीं। पुलिस-प्रशासन की मदद से सुरक्षित बाहर निकलीं। घर लौटने के बाद वह गंगा मइया को धन्यवाद दे रही हैं।
रानी ने बताया कि सभी श्रद्धालुओं के संगम में ही नहाने की जिद से स्थिति बिगड़ी। वह अपनी सास के साथ वहां मौजूद थीं। भीड़ का दबाव बढ़ने पर दोनों किनारे बैरिकेट्स के पास दुबक गईं। लोग एक-दूसरे को धक्का देकर आगे बढ़ रहे थे। धक्का-मुक्की के बाद भी उन्होंने एक-दूसरे का हाथ नहीं छोड़ा और किनारे की तरफ दुबकी रहीं। कुछ देर बाद पहुंचे पुलिस-प्रशासन के अफसरों ने स्थिति संभाली और उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। मेला क्षेत्र में बेतहाशा भीड़ के बीच कई घंटे लगातार पैदल चलने के बाद शुक्रवार की भोर में वह पहुंचीं। उनका कहना है कि इतनी भीड़ में जाना ठीक नहीं था। पुलिस-प्रशासन की चौकसी ने बड़ी घटना टाल दी।
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बसों में प्रयागराज जाने वाले यात्री कम, आने वाले बढ़े
अमर उजाला ब्यूरो
सोनभद्र। महाकुंभ में पुलिस प्रशासन ने भले ही कुछ देर में ही स्थितियां संभाल लीं, लेकिन उसके बाद सड़क मार्ग पर बढ़े यातायात के दबाव को देखते हुए लोग अब खुद से सतर्कता बरत रहे हैं। बृहस्पतिवार को रोडवेज की बसों में प्रयागराज जाने वाले यात्रियों की संख्या कम थी। इस रूट पर ज्यादातर लोग मिर्जापुर तक की यात्रा कर रहे थे। शासन के निर्देश पर बसों को मिर्जापुर होते हुए सीधे प्रयागराज भेजा जा रहा था, जिससे वहां रुके लोगों को घर लौटने में दिक्कत न हों। रोडवेज इसके लिए यात्रियों के इंतजार के बिना खाली बसें भी भेज रहा था। बुधवार को सोनभद्र डिपो से 27 बसें बिना किसी सवारी के ही प्रयागराज गई थीं। बृहस्पतिवार को भी बसों में जाने वाले यात्रियों की संख्या कम रही। एआरएम विश्राम सिंह ने कहा कि शासन के निर्देश पर महाकुंभ में अधिक से अधिक बसों को भेजा जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को काेई असुविधा न हो।
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आधी रात के बाद बॉर्डर से रवाना किए गए वाहन
संवाद न्यूज एजेंसी
बभनी। मौनी अमावस्या पर महाकुंभ में बढ़ती भीड़ को देखते हुए यूपी बॉर्डर पर वाहनों को रोक दिया गया था। इससे सीमावर्ती क्षेत्र में वाहनों की लंबी कतार लग गई। छोटी गाड़ियों का रुट भी डायवर्ट कर दिया गया था। बुधवार की आधी रात के बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने धीरे-धीरे वाहनों को छोड़ना शुरू किया। प्रभारी निरीक्षक सदानंद राय ने बताया कि अब किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं है। यातायात सामान्य हो चुका है।
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श्रद्धालुओं के मददगार बने स्थानीय लोग
विंढमगंज। महाकुंभ जाने के दौरान झारखंड बॉर्डर पर रोके गए श्रद्धालुओं को स्थानीय स्वयं सेवी संस्थाओं ने भोजन सहित अन्य सुविधाएं मुहैया कराईं। शासन के निर्देश पर झारखंड से आने वाले करीब 20 वाहनों को विंढमगंज में रोका गया था। इनमें सवार यात्री पूरे दिन आगे जाने की अनुमति मिलने का इंतजार करते रहे।
इस बीच प्रशासन की ओर से उन्हें कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई। भोजन, पानी व अन्य दैनिक जरूरतों के लिए परेशान श्रद्धालुओं का सन क्लब सोसायटी मददगार बना। सन क्लब सोसायटी, रामनवमी सेवा समिति के अलावा कई ग्राम प्रधान व समाजसेवियों ने श्रद्धालुओं के लिए भोजन की व्यवस्था कराई। स्नान-ध्यान व रहने का इंतजाम किया। रात करीब 10 बजे सभी वाहन अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए। इस व्यवस्था में रामनवमी सेवा समिति के पूर्व अध्यक्ष अरविंद कुमार गुप्ता, सन क्लब सोसायटी के अध्यक्ष राजेंद्र गुप्ता, ग्राम प्रधान सुरेंद्र पासवान, संजय कुमार गुप्ता, अभिषेक प्रताप सिंह उर्फ किंशु सिंह, रविंद्र जायसवाल आदि ने सक्रिय योगदान दिया। संवाद
डीएम ने देखा श्रद्धालुओं के ठहरने का इंतजाम
सोनभद्र। महाकुंभ जा रहे श्रद्धालुओं को जिले के विभिन्न विद्यालयों में ठहरने की व्यवस्था का डीएम ने जायजा लिया। बृहस्पतिवार को आदर्श इंटर कॉलेज पहुंचे डीएम ने सभी आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराने के निर्देश दिए।
प्रयागराज जाने वाले मार्ग पर यातायात प्रभावित रहने व जाम के कारण डीएम ने श्रद्धालुओं को जिले के विभिन्न इंटर काॅलेज, महाविद्यालय व तकनीकी संस्थान में रहने की व्यवस्था के साथ ही जरूरी सहयोग करने के लिए सभी एसडीएम को निर्देशित किया था। इसी के मद्देनजर डीएम ने सुबह आदर्श इंटर काॅलेज राॅबर्ट्सगंज में रात्रि विश्राम के लिए रुके श्रद्धालुओं का हाल जानने पहुंचे। मौजूद प्रधानाध्यापक संतोष कुमार सिंह ने बताया कि सुबह 8 बजे तक श्रद्धालु महाकुंभ के लिए रवाना हो गए थे। रात्रि विश्राम के समय उन्हें किसी प्रकार की कोई अव्यवस्था का सामना नहीं करना पड़ा। संवाद