पंचायत चुनाव की तैयारियों को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी बद्रीनाथ सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक हुई। मतदाता सूची के वृहद पुनरीक्षण के लिए बीएलओ और पर्यवेक्षकों की नियुक्ति व दायित्वों पर चर्चा की गई।
इस दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि बीएलओ और पर्यवेक्षकों की नियुक्ति सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के माध्यम से की जाएगी।
उन्होंने बताया कि एसडीएम को आईडी व पासवर्ड पहले ही जारी किए जा चुके हैं, जिनके माध्यम से नियुक्ति प्रक्रिया को निर्धारित समय में पूरा किया जाएगा। तय कार्यक्रम के तहत घर-घर गणना व सर्वेक्षण 19 अगस्त से 29 सितंबर तक चलेगा।
ऑनलाइन आवेदन 19 अगस्त से 22 सितंबर, प्राप्त आवेदनों की जांच 23 से 29 सितंबर, संशोधन व विलोपन 30 सितंबर से 6 अक्तूबर, अनंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 5 दिसंबर तक चलेगा।
डीएम ने बताया कि एक बीएलओ को अधिकतम 3000 मतदाताओं के पुनरीक्षण का कार्य सौंपा जाएगा। प्रत्येक मतदान केंद्र पर एक बीएलओ नियुक्त होगा, लेकिन यदि मतदाताओं की संख्या 3000 से अधिक हो, तो अतिरिक्त बीएलओ की नियुक्ति की जाएगी।
साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि एक बीएलओ को एक से अधिक मतदान केंद्र न दिए जाएं और किसी भी हालत में एक वार्ड या मतदान केंद्र दो बीएलओ के बीच विभाजित न हो।
डीएम ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य में पूर्ण पारदर्शिता और समय का ध्यान रखा जाए, ताकि आगामी चुनावों में कोई बाधा उत्पन्न न हो।
ई-मोबाइल एप से होगी बीएलओ के कार्यों की निगरानी
डीएम ने बताया कि बीएलओ के कार्य की निगरानी के लिए राजस्व निरीक्षक, सहायक विकास अधिकारी, कृषि निरीक्षक, वरिष्ठ अध्यापक आदि को पर्यवेक्षक के रूप में तैनात किया जाएगा। प्रत्येक न्याय पंचायत स्तर पर कम से कम एक पर्यवेक्षक रहेगा। अगर किसी पंचायत में मतदान केंद्रों की संख्या 20 से अधिक है, तो उसी अनुपात में पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाएंगे। बीएलओ के कार्यों की निगरानी और रिपोर्टिंग के लिए ई-बीएलओ मोबाइल एप विकसित किया गया है, जो ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। एप का क्यूआर कोड भी ड्यूटी ऑर्डर में दिया गया है, जिसे स्कैन कर एप डाउनलोड किया जा सकता है।