सोनभद्र। पांच दिवसीय दीपोत्सव पर निर्बाध बिजली आपूर्ति की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सभी फील्ड कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई है और उन्हें ड्यूटी पर मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं। सर्किल कार्यालय पर कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। किसी भी तरह की खराबी आने पर उपभोक्ता यहां संपर्क कर सकते हैं। उप खंड स्तर पर भी नंबर जारी किए गए हैं।
धनतेरस के साथ ही रोशनी का त्योहार शनिवार से शुरू हो रहा है। घरों, दुकानों और प्रतिष्ठानों को सजाने के लिए बिजली के झालरों का इस्तेमाल किया जाता है। बिजली आधारित अन्य उपकरण भी लगाए जाते हैं। मांग बढ़ने के दौरान किसी तरह आपूर्ति में बाधा न आए, इसके मद्देनजर बिजली निगम ने तैयारी पूरी कर ली है। तार, पोल और ट्रांसफाॅर्मर स्तर पर अनुरक्षण कार्य पूरा कर लिया गया है।
सभी कर्मचारियों को फील्ड में उतार दिया गया है, ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की दिक्कत न आए। हाइडिल उपकेंद्र के जेई ने बताया कि टीजी-2, एसएसओ सहित सभी फिल्ड कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। उन्हें अपने कार्य क्षेत्र में बने रहने और भ्रमण करने के निर्देश दिए गए हैं। ट्रॉली ट्रांसफाॅर्मर वैकल्पिक रूप से तैयार रखे गए हैं। त्योहार के दौरान उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने उपभोक्ताओं से आह्वान किया कि बिजली के तारों से सटाकर झालर न लगाएं। पूरी सतर्कता बरतें।
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कंट्रोल रूप में इन नंबरों पर करें शिकायत::
जिले में बिजली समस्या आने पर डायल करें: 8960697062
हाइडिल उपकेंद्र से जुड़े इलाकों में बिजली समस्या पर: 9453048087
छपका उपकेंद्र से जुड़े इलाकों में बिजली समस्या पर: 9453048088
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21 हजार मेगावाट पहुंची बिजली की मांग, अनपरा-डी की पहली इकाई बंद
सोनभद्र/अनपरा। दीपोत्सव शुरू होने से ठीक पहले प्रदेश में बिजली की मांग 21 हजार मेगावाट तक पहुंच गई है। न्यूनतम मांग 15 हजार मेगावाट दर्ज की गई। ओबरा और अनपरा की इकाइयों से पूरी क्षमता से उत्पादन हो रहा है। अनपरा की एक बंद इकाई को चालू करने का प्रयास तेज किया जा रहा है।
पांच दिवसीय दीपोत्सव शनिवार से शुरू हो रहा है। त्योहार पर बिजली की मांग में वृद्धि को देखते हुए निगम की उत्पादन इकाइयों पूरी क्षमता से चल रही है। इस बीच बृहस्पतिवार की रात अनपरा-डी की 500 मेगावाट क्षमता की पहली इकाई ब्वायलर ट्यूब लीकेज के चलते बंद हो गई थी। बिजली की जरूरत को देखते हुए इस इकाई को दीपावली से पहले उत्पादन पर लेने की कवायद तेज कर दी गई है। शुक्रवार को बिजली की अधिकतम मांग 21028 मेगावाट रही। वहीं न्यूनतम मांग 15386 मेगावाट पर बनी रही।
ओबरा-बी की पांच इकाइयों से 560 और ओबरा-सी की दो इकाइयों से 1180 मेगावाट का उत्पादन होता रहा। वहीं अनपरा-ए से 490, अनपरा-बी से 840, अनपरा-डी की दूसरी इकाई से 455 मेगावाट का उत्पादन होता रहा। निजी क्षेत्र की लैंको परियोजना की दोनों इकाइयां भी पूरी क्षमता से चलकर 1107 मेगावाट का उत्पादन कर रही थीं। जल विद्युत की परियोजना से 438 मेगावाट का उत्पादन लिया जा रहा है, जिससे मांग की कमी न हो।