युद्ध जैसी आपात स्थिति में बचाव के मद्देनजर बुधवार को जिले में व्यापक स्तर मॉक ड्रिल की जाएगी। इसमें लोगों को आपात स्थिति में अपनाए जाने वाले सुरक्षात्मक उपायों के साथ विशेष संकेतकों को पहचानने के लिए जागरूक किया जाएगा। मंगलवार को पुलिस लाइन में बैठक कर इसकी रूपरेखा तैयार की गई। सभी विभागाें को अपनी कार्ययोजना पर गंभीरता से कार्य करने को सतर्क किया गया।
तैयारी बैठक में पुलिस-प्रशासन के अलावा स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायती राज, अग्निशमन, आपदा प्रबंधन, नगर निकाय सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। डीएम बद्रीनाथ सिंह मॉक ड्रिल की तैयारियां सभी विभाग समय से कर लें। जिले के सभी प्रमुख स्थानों, विद्यालयों में मॉक ड्रिल कराया जाएगा।
लोगों को इस बात के लिए प्रशिक्षित किया जाए कि देश में युद्ध जैसे हालात उत्पन्न होने पर परिस्थितियों का सामना करने के लिए क्या-क्या तैयारियां होना आवश्यक है। मॉक ड्रिल सुबह 09 बजे से 11 बजे तक किया जाएगा। मॉक ड्रिल का उद्देश्य वास्तविक आतंक नहीं बल्कि नागरिक जागरूकता और आपदा में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि ग्राम स्तर पर जो आपदा से सम्बन्धित समिति बनाई गई है, उन समितियों की बैठक ग्राम पंचायत स्तर पर कर ली जाय। बताया कि हवाई हमले की दशा में सायरन बजाकर नागरिकों को सतर्क किया जाएगा। नगर के प्रमुख स्थानों पर मॉक सायरन सिस्टम का परीक्षण कर लिया जाय। स्कूलों, कॉलेजों व सार्वजनिक स्थानों पर नागरिकों को यह सिखाया जाय कि हवाई हमले की स्थिति में स्वयं को कैसे सुरक्षित रखें।
निर्धारित समय पर पूरे जिले की बिजली बंद की जाएगी, ताकि रात में दुश्मन को कोई लक्ष्य न दिखे। जिला मुख्यालय, थाना, अस्पताल और टेलीफोन एक्सचेंज आदि स्थानों की सुरक्षा के विशेष इंतजाम रहेंगे। इस दौरान मीडिया प्लेटफार्म में किसी प्रकार से नकारात्मक खबरों का प्रसारण न किया जाय।
एसपी अशोक कुमार मीणा ने कहा कि इन स्थानों की पहचान छिपाने के लिए नकली छावनियां बनाने, निकासी योजना, घनी बस्तियों से नागरिकों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने पर मॉक ड्रिल में जोर रहेगा। इस मौके पर सीडीओ जागृति अवस्थी, एएसपी कालू सिंह, एडीएम सहदेव कुमार मिश्र, सीएमओ डॉ. अश्वनी कुमार, सीआईएसएफ कमांडेंट सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।