रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक के एक विद्यालय का क्षतिग्रस्त शौचालय।
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सोनभद्र। जिले के परिषदीय स्कूलों में स्वच्छता अभियान दम तोड़ता नजर आ रहा है। अव्यवस्थाओं का आलम है कि 347 स्कूलों के शौचालय में पानी की व्यवस्था ही नहीं है। ऐसे में बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जिले के परिषदीय स्कूलों को संवारने के लिए शुरू हुआ ऑपरेशन कायाकल्प कागजों पर पूरा हो रहा है। लाखों रुपये खर्च के बाद भी अधिकांश स्कूल तय 19 बिंदुओं पर संतृप्त नहीं हो सके हैं। इनमें सरकार की प्राथमिकता में शामिल शौचालय योजना भी है। जिले में संचालित 1714 परिषदीय स्कूलों के शौचालयों में ही पानी की आपूर्ति है, जबकि 242 स्कूलों के शौचालय में पानी की व्यवस्था नहीं है। 105 ऐसे स्कूल हैं, जहां यह व्यवस्था क्रियाशील नहीं है। विभागीय आंकड़ों से इतर यह संख्या काफी अधिक है।
स्वच्छ भारत मिशन योजना को ध्यान में रखकर प्रत्येक स्कूल में जो शौचालय का निर्माण कराया गया है, वहां पानी के लिए शौचालयों में टंकी भी रखवाई गई थी, लेकिन इसके बाद भी शौचालयों में यह व्यवस्था पूर्ण न हो सकी।
विभाग की ओर से हाल ही में कराए गए सर्वे से इस बात का खुलासा हुआ है कि जिले के 400 स्कूलों के शौचालयों में पानी की व्यवस्था नहीं है।
ऐसे में छात्र-छात्राएं दूर से हैंडपंप से पानी लेकर जाते हैं। ऐसे में कई बार उन्हें असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है। यह स्थिति तब है जब लाखों रुपये खर्च कर स्कूलों में टंकी रखवाई गई थीं, वहीं पानी की आपूर्ति शौचालयों तक करने के निर्देश भी थे। आखिर वह टंकियां कहां गईं या फिर क्रियाशील क्यूं नहीं है, यह भी जांच का विषय है।