राजाबाजार। एक करोड़ रुपये की लागत से बना चरियाही मिनी स्टेडियम शोपीस बनकर रह गया है। खिलाड़ियों के लिए कोई सुविधाएं नहीं होने के कारण उन्हें प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा है। स्टेडियम में खेल के सामान भी नहीं है। कायाकल्प करने के लिए 50 लाख रुपये मिले थे। लेकिन आधा अधूरा कायाकल्प कराकर छोड़ दिया गया।
पूर्व विधायक उमाशंकर यादव की मांग पर 2006 में स्टेडियम निर्माण शुरू हुआ था। 10 बर्ष बाद आधा अधूरा स्टेडियम बनाकर 2016 में युवा कल्याण विभाग को हैंडओवर किया गया। लेकिन आज तक यहां स्टेडियम स्तर की सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं। ऐसे में ग्रामीण प्रतिभाओं को तरासने के लिए बनाया गया स्टेडियम विभागीय अनदेखी के कारण बदहाल है। परिसर में खेलकूद की सभी गतिविधियां बंद हैं। युवाओं का कहना है कि स्टेडियम तो बना दिया गया लेकिन प्रशिक्षक की तैनाती नहीं होने से प्रशिक्षण नहीं मिल पाता।
कायाकल्प के नाम पर किया कोरम पूरा
चरियाही स्टेडियम के कायाकल्प के लिए राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव ने 49 लाख 80 हजार रुपये मंजूर कराए गए थे। इसे चार माह से यूपीपीसीएल कार्यदाई संस्था कायाकल्प का काम तो शुरू की। लेकिन इसे आधा अधूरा ही कराया। केवल भवन का नवीनीकरण किया जा रहा है। सुविधाएं बढ़ाने के लिए कोई पहल नहीं की जा रही है।
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स्टेडियम में नहीं बनीं बाउन्ड्रीवॉल
स्टेडियम की बाउन्ड्रीवॉल नहीं बनाने से यहां दिन भर पशुओं का जमावड़ा रहता है। रात में स्टेडियम का भवन छुट्टा पशुओं के लिए पशुशाला बन जाता है। एक पीआरडी जवान की ड्यूटी लगी है। लेकिन वह भी दिन में ही रहता है। रात का रखरखाव भगवान भरोसे ही है। बिजली नहीं होने के कारण स्टेडियम में अंधेरा पसरा रहता है। मजदूर बांस बल्ली के सहारे तार खींच कर बल्ब जला रहे हैं।
ट्रेनर नहीं होने से खिलाड़ियों में नाराजगी
ट्रेनर की तैनाती नहीं होने से ग्रामीण क्षेत्रों के युवा खिलाड़ियों में नाराजगी व्याप्त है। प्रशिक्षक की तैनाती नहीं होने से खिलाड़ियों को किसी भी खेल की ट्रेनिंग नहीं मिल पा रही है। इसके कारण खिलाड़ी तैयार नहीं हो पा रहे हैं। चंदन, राहुल, रोहित, विकास, राजेश कुमार, अभिषेक, अतुल, पिंटू ने खेल प्रशिक्षक की तैनाती करने की मांग की है।
वर्जन
प्रशिक्षकों की कमी के कारण मुझे जिले के तीन स्टेडियम में प्रशिक्षक का काम संभालना पड़ रहा है। इससे खिलाड़ियों को अच्छे तरीके से प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा है। प्रशिक्षक की तैनाती के लिए विभाग को पत्र लिखा गया है।
-मनोज कुमार यादव, व्यायाम प्रशिक्षक