तहसील दिवस में फरियादियों के इंतजार में बैठे अफसर
- फोटो : अमर उजाला
डीएम सीबी सिंह ने जिले के अफसरों को चेताया है कि तहसील दिवस की शिकायतों के निस्तारण में किसी तरह की लापरवाही न बरतें। यदि निस्तारित किए जा चुके मामले दोबारा तहसील दिवस में आए तो जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फरियादी बेहिचक अपनी समस्या तहसील दिवस में रखें। तीनों तहसीलों में तहसील दिवस संपन्न, महज 25 मामले निस्तारित हुए।
यह चेतावनी उन्होंने मंगलवार को तहसील दिवस में शिकायतों को सुनते वक्त अधिकारियों को दी। सदर तहसील में तहसील दिवस की अध्यक्षता डीएम ने की। यहां कुल 46 शिकायती पत्र पड़े जिसमें से 13 का निस्तारण किया गया।
शेष मामले में संबंधित विभागों को एक सप्ताह में निस्तारित करने के निर्देश के साथ सौंप दिये गए। यहां डीएम ने फरियादियों के कतार के बीच जाकर लोगों को समस्या सुनी। कहा कि तहसील दिवस में ज्यादातर शिकायतें राजस्व विभाग की पेश हुई हैं, जो स्थानीय स्तर पर ही ज्यादातर मामले निस्तारित करने के लायक पेश हुईं, इससे साबित होता है कि स्थानीय स्तर पर नागरिकों की समस्याओं का समाधान न होने पर जिले स्तर पर अपने मसलों को लेकर पेश होना पड़ रहा है।
अधिकारी ध्यान दें कि पीड़ित व्यक्तियों के समस्याओं का समाधान हो, न की कागजी कोरम। इस दौरान एसपी लल्लन सिंह, सीडीओ महेंद्र सिंह, एसडीएम अशोक कुमार सिंह, बंदोबस्त अधिकारी मुधुसूदन दूबे, डीडीओ सुनील कुमार श्रीवास्तव, पीडी एनएन मिश्रा, भूमि संरक्षण अधिकारी आरके सिंह, तहसीलदार नंदलाल सिंह मौजूद रहे।
दुद्धी प्रतिनिधि के अनुसार तहसीलदार आशुतोष कुमार सिंह की अध्यक्षता में तहसील दिवस हुआ। यहां 63 शिकायती पत्र पड़े जिसमें से पांच मामले निस्तारित हो सके। घोरावल प्रतिनिधि के अनुसार घोरावल तहसील में तहसीलदार सुबोधमणि शर्मा ने 42 शिकायती पत्र पड़े। यहां कुल सात मामले निस्तारित हुए। इस तरह जिले में कुल 151 शिकायती पत्र पड़े जिसमें से 25 का निस्तारण हो सका और 126 मामले संबंधित विभागों को निस्तारण के लिए सौंप दिए गए।