रिहंद जलाशय मछली चोरी की जांच करते मत्स्य विभाग के अफसर।
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शक्तिनगर। यूपी-एमपी के सीमाचंल क्षेत्र में फैले रिहंद जलाशय में यूपी मत्स्य विभाग के अफसरों के उतरने के बाद मछली चोरों में खलबली मच गई। यह अलग है कि अधिकारियों के निरीक्षण की जानकारी पहले लीक हो गई जिससे धंधेबाज जलाशय से तमाम संसाधन समेट लिया।एशिया के बड़े जलाशयों में शुमार रिहंद जलाशय का मछली निकासी ठेका जून के अंत में मत्स्य विभाग ने निरस्त कर दिया। इसके पीछे वजह ठेकेदार द्वारा अनुबंध मुताबिक कार्य नहीं करना बताया गया। प्रजनन काल के दृष्टिगत जुलाई से मछली निकासी, विक्रय व परिवहन को प्रतिबंध कर दिया गया। इसके बावजूद जलाशय से मछलियों की निकासी व बिक्री बेअवरोध जारी रही। आरोप है कि ठेका निरस्त होने के बाद भी ठेकेदार के लोग जलाशय के विभिन्न किनारों से शिकारमाही करते रहे। रोक के बाद भी चोरी से मछली निकासी की सूचना पर उप निदेशक मत्स्य विंध्याचल मंडल मिर्जापुर व सहायक निदेशक मत्स्य सोनभद्र के नेतृत्व में मछली चोरी रोकने के लिए टीम रिहंद जलाशय में पावर बोट के जरिए उतरी। करीब 24 घंटे की कार्रवाई के दौरान टीम ने जलाशय के एमपी व यूपी के कई किनारों पर औचक दबिश देकर जाल, मछली मारने के लिए प्रयोग किया जा रहा ट्यूब आदि के साथ काफी मात्रा में मछली बरामद किया। बरामद की गई मछलियों को विभाग के अफसरों की मौजूदगी में नीलाम कर दिया गया। सहायक निदेशक मत्स्य विजय पाल ने बताया कि कार्रवाई के दौरान टीम ने डोगियां नाला, बराहीडांड, खम्हरिया, बीजपुर, करौटी (एमपी) सहित कई क्षेत्रों में औचक कार्रवाई किया है। इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।