जिले में पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि (बीआरजीएफ) से हुए करोड़ों रुपये के कार्य में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है। जहां कहीं भी निर्माण कार्य हुए उनमें मानकों की धज्जियां उड़ा दी गईं।
कहीं चंद माह पूर्व बनी सीसी रोड पूरी तरह क्षतिग्रस्त गई है, तो कहीं नालियां क्षतिग्रस्त हो गई हैं। प्रभारी डीएम महेंद्र सिंह का कहना है कि निर्माण कार्यों की जांच अभियंताओं से कराई जाएगी और कार्रवाई होगी।
जिले मेें मनरेगा की तरह पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि (बीआरजीएफ) के कार्यों में भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की जा रही है। छोटे-छोटे कार्य भी मानक के विपरीत कराए जा रहे हैं,
जिसका नतीजा है कि सड़क, नाली और अन्य कार्य बेकार साबित हो रहे हैं। नगवां ब्लाक में क्षेत्र पंचायत से बीआरजीएफ के धन से पौनी गांव में करीब साढे़ पांच लाख की लागत से सीसी रोड बनी।
चंद माह में ही सड़क फट गई। इसी तरह इसी लागत से दूबेपुर और नरऊज में भी तीन-तीन सौ मीटर सीसी रोड बनी है। इन सड़कों का भी हाल खराब है।
इसी तरह ग्राम पंचायत सिकरवार, डोरिया, आमडीह, खोड़ैला, बाराडाड़, गोटीबांध और सूअरसोत में साढे़ चार-चार लाख रुपये की लागत से नाली और सीसी रोड बीआरजीएफ से बनी है।
इन गांवों में भी सड़कें और नालियां क्षतिग्रस्त हो गई हैं। प्रभारी डीएम महेंद्र सिंह का कहना है कि बीआरजीएफ के सभी कार्यों की जांच अभियंताओं की टीम से कराई जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर संबंधितों पर कार्रवाई होगी।