घोरावल। खरुआंव गांव में शुक्रवार को एक तरफ दादा के तेरहवीं की रस्म चल रही थी तो दूसरी ओर पोते की अर्थी उठ रही थी। एक अन्य पोता अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। इस हृदयविदारक मंजर को देख हर किसी की आंखें नम थीं। काल के इस क्रूर खेल को लोग कोसते रहे।
खरुआंव निवासी सुदर्शन मौर्य और जगदीश मौर्य के पिता रामवृक्ष मौर्य की बीते 16 जनवरी को मौत हो गई थी। शुक्रवार को उनकी तेरहवीं थी। तेरहवीं रस्म के लिए बृहस्पतिवार को किराने का सामान खरीदने के लिए सुदर्शन का पुत्र अतुल मौर्य (19) और जगदीश मौर्य का पुत्र आदर्श मौर्य (20) बाइक से घोरावल गए थे। रात करीब आठ बजे घर लौटते समय बालू लदे डंपर ने पीछे से बाइक में धक्का मार दिया। डंपर की चपेट में आने से दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। अतुल मौर्य की अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में मौत हो गई जबकि आदर्श गंभीर रूप से घायल हो गया। डंपर चालक मौके पर गाड़ी छोड़कर फरार हो गया। चौकी प्रभारी देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि डंपर की चपेट में आने से बाइक सवार अतुल की मौत हो गई जबकि आदर्श गंभीर रूप से घायल हो गया। डंपर को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। इस संबंध में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। शुक्रवार को पुलिस ने अतुल के शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। शुक्रवार शाम अतुल का शव घर पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। दादा की तेरहवीं के बाद शव का दाह संस्कार किया गया। मृतक अतुल दो भाइयों में बड़ा था। उधर आदर्श अस्पताल में गंभीर हाल में है।