शासन स्तर से मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत प्रति जोड़े की शादी पर अब एक लाख रुपये खर्च किया जाएगा। प्रत्येक जोड़ों को उपहार स्वरूप ब्रांडेड सामान देने के लिए 25 हजार रुपये खर्च होंगे।
नवदंपती को उपहार स्वरूप दिए जाने वाले सामानों की संख्या भी बढ़ाई गई है। प्रति वर्ष तीन लाख रुपये आय वाले गरीब परिवारों को इस योजना का लाभ मिलेगा। 466 जोड़ों की शादी कराने का लक्ष्य भी शासन से मिल गया है।
पहले सामूहिक विवाह के लिए प्रति जोड़ा 51 हजार रुपये ही मिलता था। प्रमुख सचिव एल वेंकटेश्वर लू की तरफ से बीते 23 मई को जारी पत्र में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में किए गए बदलाव के बारे में जानकारी दी गई है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत शादी करने वाले प्रति जोड़े की शादी पर अब एक लाख रुपये की धनराशि खर्च होगी।
सामूहिक विवाह कार्यक्रम में कम से कम 10 जोड़े होने पर संपन्न कराया जा सकता है। कन्या के दाम्पत्य जीवन में खुशहाली के लिए सहायता राशि के रूप में 60 हजार रुपये कन्या के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी।
साथ ही 25 हजार रुपये की वैवाहिक उपहार सामग्री दी जाएगी। कार्यक्रम आयोजन में भोजन, पंडाल, फर्नीचर, पेयजल, विद्युत प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए 15 हजार रुपये प्रति जोड़ा खर्च किया जाएगा।
सामूहिक विवाह आयोजन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। चालू वित्तीय वर्ष में इस योजना के तहत 466 जोड़ों की शादी कराने का लक्ष्य मिला है। पहले सामूहिक विवाह योजना के तहत पंजीकरण कराने वाले प्रत्येक जोड़े की शादी पर 51 हजार रुपये खर्च होता था।
इसमें 35 हजार रुपये कन्या के बैंक खाते में भेजा जाता था। 10 हजार रुपये मूल्य का सामान जोड़ों को दिया जाता था और छह हजार रुपये वैवाहिक आयोजन पर खर्च किया जाता था।