अग्निशमन सेवा दिवस पर सोमवार को अग्निशमन विभाग के जवानों ने रैली निकाली। आग से बचाव की सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करते हुए जरूरी इंतजाम के लिए प्रेरित किया। इस दौरान जवानों ने सेवा ही सर्वोपरि का नारा भी बुलंद किया।
उरमौरा स्थित अग्निशमन केंद्र परिसर में मुख्य अग्निशमन अधिकारी श्रीराम साहनी के नेतृत्व में कार्यक्रम हुआ। केंद्र के कर्मचारियों ने 14 अप्रैल 1944 को मुंबई के डाकयार्ड में शहीद अग्निशमन सेवा के जवानों को श्रद्धांजलि दी। दो मिनट का मौन रखा।
श्रीराम साहनी ने मुंबई की घटना का जिक्र करते हुए जवानों को जनसेवा को सर्वोपरि रखते हुए पूरी निष्ठा से ड्यूटी निभाने का संकल्प दिलाया। अग्निशमन केंद्र प्रभारी करन सिंह यादव ने इस दिवस की महत्ता बताई। कहा कि इस उपलक्ष्य में तीन दिनों तक जिले में विविध कार्यक्रम किए जाएंगे।
इसके बाद अग्निशमन कर्मचारियों ने नगर में वाहन रैली निकाली। केंद्र पर उपलब्ध अग्निशमन के वाहनों के साथ रैली बढ़ौली चौराहा, सिविल लाइन, महिला थाना तिराहा से होते हुए पुन:केंद्र पर पहुंचकर समाप्त हुआ।
जुलूस के जरिए लोगों को आग से बचाव के प्राथमिक उपायों के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में लीडिंग फायरमैन राजेंद्र कुशवाहा, ओमप्रकाश दुबे, उदयनारायण, लालचंद, नन्हकू सिंह, अश्वनी कुमार, राकेश यादव, प्रवीण सिंह आदि शामिल रहे।
उधर, एनटीपीसी रिहंद की सीआईएसएफ यूनिट के अग्निशमन शाखा एकजुट होकर अग्नि सुरक्षित भारत को प्रज्वलित करें के नारे के साथ अग्निशमन सेवा सप्ताह का शुभारंभ किया।
मुख्य अतिथि महाप्रबंधक संजय असाती और सीआईएसएफ यूनिट के उप कमांडेंट प्रदीप कुमार, निरीक्षक अग्नि कैलाश चंद्र गोरा ने अग्निशमन सेवा दिवस के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
विशिष्ट अतिथि एजीएम केएसराव, बृज किशोर पांडेय, प्रदीप कुमार, आलोक कुमार चौधरी, वीरेंद्र कुमार नायक आदि उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि ने अधिकारियों एवं जवानों को अग्नि सुरक्षा के लिए शपथ दिलवाई। संचालन निरीक्षक अग्नि कैलाश चंद्र गोरा ने किया।