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Sonebhadra News: पर्ची मेडिकल कॉलेज की, मुहर लग रही जिला संयुक्त चिकित्सालय की

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फिटनेस सर्टिफिकेट के लिए मेडिकल कॉलेज की पर्ची पर लगाई गई जिला चिकित्सालय की मुहर। - संवाद
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मेडिकल कॉलेज में फिटनेस सर्टिफिकेट के लिए पहुंच रहे छात्रों से इसके नाम पर वसूली के साथ ही गलत पर्ची थमा दिए जाने परेशान होना पड़ रहा है। उन्हें पर्ची मेडिकल कॉलेज की दी जा रही है लेकिन उस पर मुहर चिकित्साधिकारी जिला चिकित्सालय की लगा दी जा रही है। जब छात्र पर्ची और सर्टिफिकेट का प्रारूप लेकर मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों के पास पहुंचते हैं, तो उन्हें अंतर पता चलता है। डॉक्टर इसे गलत बताते हुए किसी तरह की टिप्पणी से इन्कार कर दे रहे हैं। इससे छात्रों को परेशान होना पड़ रहा है।
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मंगलवार को भी कुछ ऐसा ही माजरा सामने आया। ओबरा क्षेत्र के एक युवक को इंजीनियरिंग डिप्लोमा (आईईआरटी) में प्रवेश के लिए मेडिकल कॉलेज सर्टिफिकेट जमा करना था। उसके मुताबिक वह ब्लॉक ए में पहुंचा। वहां उसकी एक व्यक्ति से मुलाकात हुई। उससे उसने मेडिकल सर्टिफिकेट की बात की। इस पर उसने उससे मेडिकल कॉलेज की पर्ची कटवाई और उसे मेडिकल सर्टिफिकेट का प्रारूप उपलब्ध करवाया। उस पर चिकित्साधिकारी जिला संयुक्त चिकित्सालय की मुहर लगाते हुए खुद के हस्ताक्षर किए गए। कुछ टिप्पणियां अंकित की और उसे ब्लॉक बी में डॉक्टर के यहां भेज दिया। मेडिसिन विभाग पहुंचने पर उसे पता चला कि मेडिकल कॉलेज की पर्ची पर जिला चिकित्सालय की गुहार लगाकर कोई सर्टिफिकेट ही जारी नहीं किया जा सकता। डॉक्टरों का कहना था कि आए दिन इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं। छात्रों को समझाकर वापस किया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज से सर्टिफिकेट जारी करने की एक प्रक्रिया है। उसके बगैर जारी किया जाने वाले मेडिकल सर्टिफिकेट विधिक रूप से मान्य भी नहीं किया जा सकता। अधीक्षक डॉ. डीके सिंह ने बताया कि ऐसा गलत है। इस संबंध में कोई शिकायत आती है तो वह उसकी जांच कराएंगे। अगर इसमें ब्लॉक ए (जिला चिकित्सालय से जुड़े) के किसी स्टाफ की संलिप्तता मिली तो कार्रवाई होगी। बता दें कि मेडिकल कॉलेज का ब्लॉक ए पहले जिला चिकित्सालय के रूप में संचालित किया जा रहा था। अब यह मेडिकल कॉलेज के अधीन हो गया है।
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