तपिश चढ़ने के साथ ही ऊर्जांचल परिक्षेत्र में शुद्ध पेयजल के लिए बूंद-बूंद की मारामारी मच गई है। अनपरा के लाल टावर का आरओ प्लांट दस दिनों से खराब पड़ा होने से हायतौबा की स्थिति मची हुई है।
इसके चलते काशी मोड़ स्थित आरओ प्लांट पर सुबह से लेकर देर शाम तक भीड़ जमा हो रही है, लेकिन क्षमता के सापेक्ष भीड़ अधिक जमा होने के कारण कई लोगों को बिना पानी के वापस होना पड़ रहा है।
अनपरा गांव को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए एनजीटी के निर्देश पर लालटावर और काशी मोड़ पर आरओ प्लांट लगाया गया है। दोनों प्लांटों की क्षमता प्रति घंटे चार-चार हजार लीटर की है।
पानी लेने की समयसीमा सुबह आठ से 11 और शाम को चार से आठ बजे तक रखी गई है। लाल टावर इलाके से डब्ल्यूआई और एचएस कालोनी के लोग पानी प्राप्त तो करते ही हैं,
आसपास की बस्तियों के लोग भी यहीं से पानी लेते हैं, लेकिन दस दिनों से यहां का प्लांट खराब होने के कारण लोगों को काशी मोड़ का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
काशी मोड़, अनपरा बाजार और कालोनी के लोग पहले से ही इसी प्लांट पर निर्भर हैं। यहां पानी लेने के यहां लगाई गई टोटियों में शनिवार को दो के खराब हो जाने से स्थिति और विषम हो गई।
अनपरा निवासी संजीव कुमार और अखंड प्रताप सिंह कहते हैं कि वह डेढ़ से दो किमी दूर से पानी लेने आते हैं लेकिन अक्सर उन्हें बिना पानी के ही लौट जाना पड़ रहा है।
आपरेटर रमेश कुमार गुप्ता का कहना है कि पानी उपलब्ध कराने का समय निश्चित है। शेष समय में पानी को शुद्ध करने के लिए आरओ प्लांट का संचालन जरूरी है।