कक्षा-तीन और नौ की कक्षाएं एक-दूसरे से सटी थी। अचानक तेज आवाज के साथ दोनों कक्षाओं के कोने पर बिजली गिर गई। नीचे पढ़ाई कर रहे बच्चे इसकी जद में आ गए। जो बचे, वह खुद को बचाने की गरज से बारिश के बीच ही बाहर की तरफ भागे।
मौके पर मिले बच्चों ने बताया कि उन्हें पता ही नहीं चला कि यह क्या हो गया। कमरे का टिनशेड भी क्षतिग्रस्त हो गया। विद्यालय के शिक्षक कमरे में पहुंचे कक्षा तीन के कमरे में छात्र अरविंद और नौंवीं कक्षा में दीपक मृत हाल में थे, जबकि उसके बगल में रेखा व सोनमति अचेत पड़ी थीं। इसके अलावा अंश पासवा, पायल कुमारी और ओमप्रकाश भी जद में आए, लेकिन उन्हें कोई नुकसान नहीं हुआ।
आनन-फानन बच्चों को अस्पताल ले जाया गया। अन्य बच्चे भी काफी दहशत में थे। उधर, घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।
मौका पाकर स्कूल के शिक्षक-कर्मचारी सहित अन्य लोग वहां से चले गए। शाम करीब तीन बजे पहुंचे तहसीलदार नरेंद्र राम, नायब तहसीलदार रजनीश यादव और बीईओ ने विद्यालय पर ताला लगाते हुए सील कर दिया।