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UP: सूअर पालन के लिए बनाए गए भवन में तीन साल से चल रहा था विद्यालय, दो बच्चों की मौत से खुली पोल; पहुंची टीम

Sat, 20 Sep 2025 02:17 AM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र।

सार

Sonbhadra News: टिनशेड के नीचे कच्ची फर्श पर कक्षाएं चल रही थीं। तीन साल से स्कूल चल रहा था लेकिन शिक्षा विभाग इससे बेखबर बना रहा। ब्रह्मदेव आइडियल पब्लिक स्कूल में कक्षा 1 से हाईस्कूल तक की पढ़ाई होती है।
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विद्यालय को सील करती टीम। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कोटा के नौटोलिया गांव में स्कूल पर बिजली गिरने से दो छात्रों की मौत की घटना से हर कोई स्तब्ध है। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है तो शिक्षा विभाग की लापरवाही को लेकर भी लोगों में नाराजगी देखी गई। जिस भवन में ब्रह्मदेव आइडियल पब्लिक स्कूल का संचालन हो रहा था, उसका निर्माण सूअर पालन के लिए किया गया था।

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विद्यालय के अधिकांश कमरे टीनशेड के हैं। फर्श भी कच्ची है। छोटे और संकरे कमरों में प्रकाश और हवा का भी पर्याप्त इंतजाम नहीं है। सुरक्षा प्रबंध भी नदारद है। यह क्षेत्र बिजली गिरने के लिहाज से संवेदनशील इलाकों में है। फिर भी कहीं-कोई तड़ित चालक यंत्र नहीं लगा था। 

मानकों के पूरा न होने के बाद भी पिछले चार वर्ष से संचालित विद्यालय में आसपास के गांवों से 250 से अधिक बच्चों का नामांकन है। रोज की तरह शुक्रवार को भी कक्षाएं चल रही थी। दोपहर में बच्चे पढ़ाई में मशगूल थे, तभी बारिश शुरू हो गई।

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अफसरों ने की कार्रवाई

कक्षा-तीन और नौ की कक्षाएं एक-दूसरे से सटी थी। अचानक तेज आवाज के साथ दोनों कक्षाओं के कोने पर बिजली गिर गई। नीचे पढ़ाई कर रहे बच्चे इसकी जद में आ गए। जो बचे, वह खुद को बचाने की गरज से बारिश के बीच ही बाहर की तरफ भागे।

मौके पर मिले बच्चों ने बताया कि उन्हें पता ही नहीं चला कि यह क्या हो गया। कमरे का टिनशेड भी क्षतिग्रस्त हो गया। विद्यालय के शिक्षक कमरे में पहुंचे कक्षा तीन के कमरे में छात्र अरविंद और नौंवीं कक्षा में दीपक मृत हाल में थे, जबकि उसके बगल में रेखा व सोनमति अचेत पड़ी थीं। इसके अलावा अंश पासवा, पायल कुमारी और ओमप्रकाश भी जद में आए, लेकिन उन्हें कोई नुकसान नहीं हुआ। 

आनन-फानन बच्चों को अस्पताल ले जाया गया। अन्य बच्चे भी काफी दहशत में थे। उधर, घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।
मौका पाकर स्कूल के शिक्षक-कर्मचारी सहित अन्य लोग वहां से चले गए। शाम करीब तीन बजे पहुंचे तहसीलदार नरेंद्र राम, नायब तहसीलदार रजनीश यादव और बीईओ ने विद्यालय पर ताला लगाते हुए सील कर दिया।
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