मिर्चाधुरी संपर्क-मार्ग पर स्थित धुरिया नाला पर पहले से बन चुकी पुलिया का टेंडर निकालने के विरोध में ठेकेदारों ने राबर्ट्सगंज में लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता के समक्ष सोमवार को विरोध प्रदर्शन किया।
ठेकेदारों का कहना था कि डीएम के निर्देश पर सदर एसडीएम ने निर्देश दिया है कि जब तक मामले की जांच पूर्ण नहीं हो जाती किसी भी सूरत में टेंडर न कराया जाए लेकिन इसकी अवहेलना की जा रही है।
ठेकेदारों ने कहा कि एक फरवरी 2016 को मिर्चाधुरी संपर्क-मार्ग धुरिया नाला पर चार स्पान पांच मीटर के लघु सेतु बनाने का टेंडर जारी किया गया है। इसकी लागत 66 लाख रुपये प्रकाशित की गई है। जब उसका स्थलीय निरीक्षण किया गया तो पता चला कि वहां पर पहले से ही पुलिया का निर्माण हो चुका है। कोई निर्माण कार्य बकाया नहीं है।
बावजूद इसके मनमाने ढंग से टेंडर जारी कर दिया गया। इससे लगता है कि मिलीभगत से अधिकारी पुलिया की रकम का गबन करना चाहते हैं। इसकी शिकायत पर डीएम ने मामले की जांच सदर एसडीएम कैलाश सिंह को करने का निर्देश दिया है।
सदर एसडीएम ने चार फरवरी को पीडब्लूडी के अधिशासी अभियंता को पत्र भेज कर टेंडर की प्रक्रिया पर जांच पूरी होने तक रोक लगाने को कहा है। इसके बावजूद अधिकारी इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर किसी भी प्रकार की मनमानी की गई तो न्यायालय की शरण लेने को बाध्य होंगे।
विरोध-प्रदर्शन करने वालों में योगेश कुमार चौबे, राजेश कुमार सिंह, उमाशंकर पांडेय, रवि अग्रवाल, राजेंद्र कुमार सिंह, अरविंद कुमार मिश्रा, प्रकाश तिवारी आदि ठेकेदार शामिल रहे। उधर उत्तर प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष शत्रुंजय मिश्रा ने भी पीडब्लूडी के जरिए कराए जा रहे मनमाने कार्यों की जांच कराने की मांग की है।