बिहार के चिउटिया जंगल में गुरुवार की रात नक्सलियों ने यूपी पुलिस के मुखबिर होने की शक में दो युवकों की पीट दिया। फिर कभी पुलिस को सूचना देने पर जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। वहीं, मुखबिरों की पिटाई की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। एसपी ने बार्डर पर सीआरपीएफ को मुस्तैद कर दिया है। शुक्रवार की भोर से ही उजारी, सूअरसोत, बाकी, कजियारी, धोबी जंगल में सीआरपीएफ और पुलिस ने कांबिंग की।
घटना गुरुवार की देर शाम करीब सात बजे की है। सीमा से सटे बिहार के सासाराम जिले के चिउटिया जंगल से चरवाहा चिउटिया निवासी रामखेलावन (25) और संजय (22) पशुओं को लेकर जंगल से घर लौट रहे थे। इसी बीच जंगल में 12 से 18 की संख्या में नक्सलियों ने दोनों को रोक लिया। इसी बीच मुंह बांधे एक व्यक्ति के कहने पर बाकी के नक्सलियों ने पुलिस का मुखबिर कहते हुए दोनों को पिटाई शुरू कर दी। रामखेलावन की माने तो नक्सलियों का आरोप था कि पिछले सप्ताह जंगल में बैठक की सूचना उन लोगों ने सोनभद्र पुलिस को दी थी। पिटाई के बाद नक्सली अधौरा जंगल की तरफ फरार हो गए। वहीं पुलिस अधीक्षक लल्लन सिंह ने कहा कि चिउटिया जंगल में दो चरवाहों की पिटाई करने की सूचना मिलने के बाद सीमावर्ती इलाकों में फोर्स एलर्ट कर दिया गया है। पता चला है कि नक्सली जयकरन जिले में प्रवेश करने के फिराक में है।
बताया कि शुक्रवार की भोर से ही उजारी, सूअरसोत, बाकी, कजियारी, धोबी जंगल में सीआरपीएफ के उपकमांडेंट अभिषेक चौधरी और सूअरसोत पुलिस चौकी के कृष्ण गोपाल राय की अगुवाई में फोर्स ने कांबिंग शुरू की। उधर बिहार के अधौरा थाना के एसआई विद्या प्रसाद यादव और सीआरपीएफ के सहायक कमांडेंट उपेंद्र कुमार ने फोर्स के साथ बार्डर से सटे पिपरा, सिकरी, सिकरवार, देवरी आदि जंगलों में कांबिंग की।