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रफ्तार नहीं पकड़ पा रही धान की खरीद

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राबर्ट्सगंज स्थित धान क्रय केंद्र पर ट्रैक्टर ट्राली पर लदी धान की बोरी। - फोटो : SONBHADRA
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सोनभद्र। जिले में धान की खरीद रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। यह स्थित पिछले 10 दिनों से जारी है। केंद्र बनाए गए सहकारी समितियों के अब तक ताले नहीं खुल सके हैं तो अन्य क्रय एजेंसियों पर मजदूरों का अभाव है। मंडी समिति में क्रय केंद्र के बाहर 20 से अधिक ट्रैक्टर ट्रालियां धान लेकर खड़ी हैं। दो दिन बाद भी तौल का नंबर नहीं आया है, जबकि अफसर बार-बार धीमी खरीद के लिए किसानों के न आने की दलील दे रहे हैं।किसानों को उपज का उचित मूल्य दिलाने और बिचौलियों के चंगुल से मुक्ति दिलाने के लिए सरकार ने एक नवंबर से धान खरीद केंद्रों को सक्रिय कर दिया है। छह खरीद एजेंसियों ने जिले में कुल 57 क्रय केंद्र स्थापित किए हैं। 15 हजार से अधिक किसानों ने पोर्टल पर पंजीकरण कराया है। पहले दिन ही 52 क्विंटल धान की खरीद हुई थी। इसके बाद से अब तक 18 किसानों से 852 क्विंटल ही धान खरीदा जा चुका है। किसान अपनी उपज बेचने के लिए रोजाना क्रय केंद्रों का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कहीं ताला बंद मिल रहा है तो कहीं छुट्टी और मजदूर न होने का हवाला देकर लौटाया जा रहा है। मजबूरी में किसान उपज को खुले बाजार में व्यापारियों के हाथों बेचने को विवश हैं। नवीन मंडी स्थल राबर्ट्सगंज में एफसीआई का एक और मंडी के दो क्रय केंद्र स्थापित हैं। यहां निरंतर किसान पहुंच रहे हैं, मगर खरीद नहीं हो पा रही। सिर्फ एफसीआई का ही केंद्र नियमित चल रहा है। बुधवार को भी इसी केंद्र पर खरीद चालू थी, जबकि अन्य केंद्र बंद रहे। किसानों में व्यवस्था के प्रति नाराजगी रही। उनका कहना था कि सरकार दावे तो बेहतर व्यवस्था की कर रही है, लेकिन धरातल पर ऐसा कुछ भी नहीं है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी संजय पांडेय ने बताया कि सचिवों की हड़ताल से समितियों पर खरीद शुरू नहीं हुई है। कुछ केंद्रों पर मजदूरों की दिक्कत है। फिलहाल एफसीआई के एक और विपणन विभाग के चार केंद्रों पर खरीद चल रही है। अन्य केंद्रों पर भी खरीद सुचारू करने का पूरा प्रयास चल रहा है।
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