पानी के संकट से जूझ रही यूपी सरकार की अति महत्वाकांक्षी कनहर सिंचाई परियोजना को एक बार फिर संजीवनी मिल गई है। छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में हुई बारिश से कनहर में पानी आ गया है। इससे अस्थायी रपटा क्षतिग्रस्त हो गया है, लेकिन इससे निर्माण पर कोई असर नहीं पड़ेगा। परियोजना के अधिशासी अभियंता विजय कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि अब निर्माण कार्य तेजी गति से होगा।
करीब साढ़े 22 सौ करोड़ की कनहर सिंचाई परियोजना का निर्माण कार्य पिछले दिनों काफी हद तक प्रभावित हो गया था। इसके पीछे वजह कनहर नदी सूखना था। कनहर नदी के सूखने से कनहर सिंचाई परियोजना के निर्माण पर काफी हद तक असर पड़ा था। हाल यह था कि निर्माण के लिए सिंचाई परियोजना के अधिकारियों को पानी के लिए नदी में बालू को जेसीबी से हटाया जा रहा था ताकि थोड़ा भी पानी मिल सके तो काम प्रभावित न हो सके।
फिर भी काम की गति काफी धीमी हो गई थी। अब एक बार फिर कनहर सिंचाई परियोजना को संजीवनी मिल गई है। छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में हुई बारिश से कनहर नदी में काफी हद तक पानी आ गया है।
परियोजना के अधिशासी अभियंता विजय कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि अब पानी आने से निर्माण कार्य तेज कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि अब तेज निर्माण नहीं हुआ तो आने वाले 20 से 25 दिनों में नदी में ज्यादा पानी आ जाएगा। इससे स्पिल-वे का निर्माण प्रभावित होगा। काम बंद भी हो सकता है। फिर बरसात के बाद ही निर्माण कार्य शुरू हो सकेगा।