एक वर्ष पूर्व भाठ क्षेत्र के गांवों में कैंप लगाकर िबजली के कनेक्शन बांटे गए थे। तब जल्द ही बस्ती में िबजली पहंुचाने का काम पूरा करना था। आज अधिकांश बस्तियों में अभी तक बिजली ही नहीं पहुंच पाई है। मगर कनेक्शन लेने वालों के यहां एक साल का 36-36 सौ का बिजली बिल जरूरी पहुंच गया है। पीड़ितों ने सोमवार को बीना रोड स्थित बिजली विभाग के दफ्तर पहुंचकर िवरोध जताया। अवर अिभयंता विमलेश कुमार सिंह ने बिल में सुधार और जल्द आपूर्ति शुरू करवाने का आश्वासन दिया, तब जाकर लोग शांत हुए।
भाठ इलाके के गांवों विभाग ने एक साल पहले गांव में कैंप लगाकर कनेक्शन बांटे थे। ग्रामीणों का कहना है कि अभी ठीक से विद्युतीकरण नहीं हुआ है और विभाग ने बिल बनाकर भेज दिया है। आइपीएफ के कुलडोमरी प्रवक्ता सुभाषचंद्र केवट बाबूराम, मोतीलाल, ईश्वर, दशाराम, रामजनम, अनंत खरवार, अंबेलाल बैसवार, संपत राम, तुलसीराम बैसवार, शुक्लाराम बैसवार ने बताया कि दुगोड़वा, लोझरा, डइनिया, पडरवा, गुलालीडीह, खजुरा आदि गांवों में अभी तक बिजली नहीं पहुंच सकी है। हालत यह है कि कहीं खंभे हैं तो तार नहीं। जहां तार-खंभे लगे हैं, वहां ट्रांसफार्मर नहीं लगाया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि इसको लेकर कई बार अफसरों का ध्यान आकृष्ट कराया गया। हर बार जल्द बिजली आपूर्ति शुरू करने का आश्वासन देते रहे। अब बिना बिजली आपूरि्त बहाल किए ही बिल भी भेजा जाने लगा है। पिछले सप्ताह अचानक से ऐसे सभी उपभोक्ताओं के पास 36-36 सौ रुपये का बिजली बिल पहुंच गया। उधर, अवर अभियंता का कहना था कि ऐसे सभी गांवों में विद्युत आपूर्ति बहाल कराने की कोशिश जारी है। जब तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो जाती, तब तक का बिजली बिल आपूर्ति बहाल होने के बाद ही लगेगा। इससे पहले बिल समाप्त कर दिए जाएंगे।