बारिश के दौरान गिरने वाली बिजली से हर साल ग्रामीण इलाकों में भारी नुकसान होता है। बिजली गिरने की सूचना के लिए राजस्व विभाग ने तड़ित चालक यंत्र लगाने के लिए गांवों का सर्वे कराया था। अभी तक उस पर कोई पहल नहीं किया गया।
ऊर्जांचल में बिजली गिरने की घटना सबसे ज्यादा होती है। औद्यौगिक परियोजनाओं ने परियोजना और आवासीय परिसरों में तड़ित चालक यंत्र स्थापित कर लिए हैं, लेकिन कुलडोमरी, जोगेन्द्रा, रणहोर व अन्य ग्रामीण इलाकों में तड़ित चालक यंत्र नहीं लगाए गए हैं।
इससे इन इलाकों में बिजली गिरने से सबसे ज्यादा नुकसान होता है। करीब एक दशक पूर्व तत्कालीन एसडीएम डॉ. विश्राम यादव ने सर्वे शुरू कराया था। उसके बाद यह काम ठंडे बस्ते में चला गया।
तीन वर्ष पूर्व तत्कालीन डीएम चंद्र विजय सिंह के निर्देश पर फिर से तड़ित चालक यंत्र लगाने की प्रक्रिया तेज हुई, लेकिन अभी तक इन इलाकों में तड़ित चालक यंत्र नहीं लगाए जा सके हैं। हर वर्ष ग्रामीण इलाकों में बिजली गिरने से जानवरों को नुकसान होता है।
जोगेंद्रा व रणहोर गांव के सचिव सुरेंद्र कुमार ने बताया कि तड़ित चालक यंत्र लगाने का काम आपदा प्रबंधन का है। पूर्व में राजस्व विभाग की टीम ने गांव का सर्वे किया था। आपदा प्रबंधन से इस संबंध में कोई सूचना नहीं है।
बिजली गिरने से होने वाली क्षति को कम करने के लिए नगरीय क्षेत्रों में तड़ित चालक यंत्र लगाने का कार्य चल रहा है। जल्द ही ग्रामीण क्षेत्रों में लगाया जाएगा।
-निखिल यादव, उपजिलाधिकारी दुद्धी।