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Sonebhadra News: सामूहिक विवाह में जिसकी कराई शादी वह निकला नाबालिग

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सोनभद्र। समाज कल्याण विभाग की तरफ से जनवरी 2024 में दुद्धी में आयोजित कराए गए सामूहिक विवाह में जिस युवक को बालिग होने का दावा किया गया था उसे न्यायालय की सुनवाई में नाबालिग पाया गया है। शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के मामले से जुड़ी सुनवाई करते समय न्यायालय ने आरोपी के नाबालिग होने की पुष्टि की है। अदालत को शैक्षिक प्रमाणपत्र से जुड़े जो साक्ष्य उपलब्ध कराए गए हैं उसके आधार पर शादी की तिथि को संबंधित युवक की उम्र 17 वर्ष से भी कम पाई गई है।
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दुद्धी कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली पीडि़ता ने जुलाई 2024 में दुद्धी कोतवाली में शादी का झांसा देकर शारीरिक और मानसिक शोषण का आरोप लगाते हुए एक युवक के खिलाफ केस दर्ज कराया था। प्रकरण में किशोर न्याय बोर्ड की तरफ से आरोपी को नाबालिग पाते हुए चार अक्तूबर 2024 को इससे जुड़ी प्रक्रिया के तहत मामले की सुनवाई का आदेश पारित किया था। पीड़ित पक्ष की तरफ से जिला सत्र न्यायाधीश के यहां मामले की चुनौती दी गई।विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट/बाल न्यायालय अमित वीर सिंह की अदालत ने मामले की सुनवाई की। पीड़ित पक्ष की तरफ से दावा किया गया कि जनवरी 2024 में उसने दूसरी युवती से शादी रचाई थी। इससे प्रमाणित है कि वह बालिग है। न्यायालय ने उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों और सामने आए तथ्यों का परीक्षण किया तो पाया कि आरोपी की शादी 31 जनवरी 2024 को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत कराए जाने का दावा किया गया है। वहीं आरोपी (किशोर अपचारी) के पिता और सोनांचल प्राथमिक पूर्व माध्यमिक विद्यालय दुद्धी के प्रधानाचार्य गणेश प्रसाद की तरफ से जो बयान दर्ज कराया गया है, उसमें स्कूल रिकॉर्ड के आधार पर जन्मतिथि 10 जुलाई 2007 है। इसे देखते हुए एडीजे की अदालत ने किशोर न्याय बोर्ड की ओर से पारित आदेश को सही ठहराया।
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