कम नामांकन वाले प्राथमिक विद्यालयों के संविलियन के विरोध में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को प्रदर्शन किया। कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंचकर सरकार के फैसले को अनुचित बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की। राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
जिलाध्यक्ष रमेश गौतम ने कहा कि स्कूलों के संविलियन को लेकर 16 जून को जारी शासनादेश पूरी तरह से कानून व शिक्षा विरोधी है। सरकार शिक्षा के अधिकार अधिनियम और बाल अधिकार कानून का उल्लंघन करते हुए परिषदीय विद्यालयों को बंद करने पर आमादा है।
सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ प्रदेश सरकार 2024 में 27308 मदिरालय खोलने का रिकॉर्ड बना रही है तो वहीं दूसरी तरफ अब तक 26 हजार विद्यालय बंद कर चुकी है और अब 27 हजार और स्कूल बंद करने की तैयारी में है।
पार्टी कार्यकर्ताओं ने कहा कि मर्जर आदेश में न्यूनतम-अधिकतम छात्र संख्या का कोई स्पष्ट निर्धारण नहीं किया गया। विद्यालय बंद करने का निर्णय शिक्षा के अधिकार अधिनियम की धारा 4 के तहत एक किमी की दूरी के भीतर स्कूल की अनिवार्यता का उल्लंघन है।
इस निर्णय से 27 हजार स्कूलों के साथ लगभग 1.35 लाख सहायक शिक्षकों और हजारों शिक्षामित्रों, रसोइयों की नौकरी पर खतरा मंडरा रहा है। यह आदेश वापस नहीं लिया जाता तो आप कार्यकर्ता वृहद आंदोलन को बाध्य होंगे। प्रदर्शन में प्रदेश महासचिव रामनरेश पाठक सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे।