चुर्क। नगर पंचायत चुर्क में काम करने वाली जिस फर्म को ब्लैक लिस्टेड करने का निर्देश अपर जिलाधिकारी योगेंद्र बहादुर सिंह ने दिया, उसी फर्म से अब भी कार्य कराया जा रहा है। इतना ही नहीं उसे नियमित रूप से भुगतान भी किया जा रहा है। जबकि टैंकर से पानी की आपूर्ति का फर्जी बिल लगाने और उसका भुगतान कराने के जांच में संबंधित फर्म पर कार्रवाई का निर्देश एडीएम ने दिया था। हालांकि, इस मामले में नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी कोरोना संक्रमण के कारण उसी फर्म से काम लेने की बात कह रहे हैं।
चुर्क नगर पंचायत में टैंकर से पानी आपूर्ति के लिए बीते साल एक फर्म को जिम्मेदारी दी गई थी। जब भुगतान से संबंधित बिल जमा करना हुआ तो फर्म के संचालक ने कुछ बढ़ाकर बिल बना दिया। जब इसकी शिकायत हुई तो जांच करायी गई। जांच में पता चला कि 3882 टैंकर पानी का बिल लगाकर भुगतान लिया गया। जबकि 2958 टैंकर पानी की सप्लाई की पुष्टि हुई। इस तरह से 924 टैंकर पानी का फर्जी बिल लगाया गया था। इस पर अपर जिलाधिकारी ने संबंधित फर्म को ब्लैक लिस्ट करने का आदेश दिया था, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। इतना ही नहीं उसी फर्म के जरिए हर महीने नगर पंचायत में हो रहे कार्य का भुगतान हो रहा है।
नगर पंचायत चुर्क के ईओ सुनील कुमार का कहना है कि अभी तक फर्म को ब्लैक लिस्टेट नहीं किया गया है। पहल ब्लैक लिस्टेड करने का निर्देश मिला था उसके कुछ ही दिन के बाद दूसरा पत्र भी जिले स्तर से आया। उसमें कहा गया कि कोरोना संक्रमण के समय में व्यवस्था को सुचारू रखना है। ऐसी स्थिति में फर्म से काम कराया जा रहा है। पहले यह था कि समय लेकर बीच में करा लिया जाएगा। धीरे-धीरे चार-पांच माह का समय बीत गया। अब जेम पोर्टल पर डाला गया है। एक महीने में नया टेंडर करा लिया जाएगा।