सोनभद्र। संपूर्ण समाधान दिवस पर शनिवार को तहसीलों में फरियादियों की भीड़ रही। मनरेगा मजदूरी में भुगतान, पट्टे की भूमि पर कब्जा, बिजली कटौती, बकाया वसूली सहित अन्य मामलों की भरमार रही। दफ्तरों के चक्कर काटते थक चुके फरियादी शिकायतों का जख्म लेकर तहसील पहुंचे तो वहां आश्वासन का मरहम लगाकर उन्हें वापस भेज दिया गया। इस दौरान जिले की चार तहसीलों में कुल 271 शिकायतें आई, जिसमें 44 का ही समाधान हो सका। शेष 227 मामले निस्तारण के निर्देश के साथ अधिकारियों को सौंप दिया गया। सदर तहसील परिसर में एडीएम नमामि गंगे आशुतोष दुबे, सदर एसडीएम रमेश कुमार ने फरियाद सुनी। सदर ब्लाक के धोबहीं गांव से पहुंचे दिनेश, राजेश, विकास, सूरज आदि मजदूरों ने बताया कि 25 मार्च से एक अप्रैल तक उनसे कुशल श्रमिक के रुप में कार्य कराया गया, लेकिन मजदूरी अब तक नहीं दी गई। एडीएम ने मामला श्रम विभाग को सुपुर्द किया। नगर के धर्मशाला चौक निवासी नीरज दुबे ने सदर तहसील के हवालात में पिता जनार्दन दुबे की मौत का मामला रखा। कहा कि तहसील प्रशासन की संवेदनहीनता के चलते पिता की जान गई है, मगर किसी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। मामला जांच में होने की बात कह उसे वापस भेज दिया गया। कुतुबपुर से आए बुल्लू, लालमनि, हीरालाल, भगवान, काशीनाथ ने पट्टे की जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत की। हलका लेखपाल और कानूनगो को मौके पर जाकर कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया। संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 80 मामले आए, जिसमें नौ का निस्तारण हुआ। शेष 71 मामले जांच के लिए सौंपे गए। घोरावल में एसडीएम श्याम प्रताप सिंह की मौजूदगी में 80 शिकायतों में से 24 का निस्तारण किया गया। वहीं दुद्धी में एडीएम सहदेव मिश्र, एसडीएम शैलेंद्र मिश्र ने 63 में से आठ शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया। ओबरा। संपूर्ण समाधान दिवस में शनिवार को तहसील कार्यालय पहुंचे डीएम बेतहाशा बिजली कटौती की समस्या पर चौंक गए। बिजली उत्पादन वाले क्षेत्र में ही लोगों ने बेतहाशा कटौती की शिकायत की। डीएम चंद्र विजय सिंह ने तत्काल जेई को मौके पर बुलाया और पूछा कि इतनी कटौती क्यों हो रही है। जेई ने वन क्षेत्रों में बारिस् के दौरान फाल्ट के कारण बिजली आपूर्ति बाधित होने की दलील दी। समाधान दिवस में आए अधिकांश जमीन संबंधी प्रकरणों में डीएम ने राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम बनाकर मौके पर भेजने को निर्देशित किया, जिससे गुणवत्तापूर्ण समाधान हो सके। कुल 48 शिकायतें आई, जिसमें तीन का निस्तारण हुआ। शेष मामलों को संबंधित अफसरों को सौंपते हुए डीएम ने हिदायत दी कि शिकायतों का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से किया जाय। इस मौके पर एसपी डॉ. यशवीर सिंह, डीडीओ शेषनाथ चौहान, सीएमओ डॉ. आरएस ठाकुर, बीएसए हरिवंश कुमार आदि मौजूद रहे।