नए साल में जिला न्यायालय के लिए नए भवन का निर्माण शुरू हो जाएगा। 38 न्यायालय कक्षों के निर्माण के लिए पंचमुखी मंदिर के पास की पहाड़ी का चयन किया गया है। जिला प्रशासन की तरफ से न्यायालय के लिए जमीन स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। अब समतलीकरण कार्य के बाद निर्माण का कार्य शुरू किया जाना है। बताते हैं कि इसे लेकर कवायद तेज हो गई है। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी लखनऊ की कंपनी को सौंपी गई है। जिस दिन निर्माण कार्य शुरू होगा उससे 18 माह के भीतर कार्य पूर्ण करने की समय सीमा निर्धारित है।
बताते चलें कि वर्तमान में तहसील परिसर से सटी एरिया में जिला न्यायालय का संचालन किया जाता है। जिला न्यायालय के लिए लंबे समय से विस्त़ृत एरिया की जरूरत महसूस की जा रही है। इसको लेकर कई साल तक चली कवायद के बाद रौप गांव स्थित पंचमुखी मंदिर के पास पहाड़ी वाली जमीन को न्यायालय के निर्माण के लिए चिन्हित किया गया है। यहां भी कार्य को फाइनल टच देने के लिए पिछले दो साल से प्रक्रिया अपनाई जा रही है। निर्माण कार्य के लिए लखनऊ की मदर्स प्राइड इंफ्रास्ट्रक्चर्स प्राइवेट लिमिटेड का चयन किया गया है। वास्तु और कार्य की गुणवत्ता के लिए खास पहचान रखने वाली इस कंपनी की तरफ से गत फरवरी-मार्च माह में राजस्व कर्मियों के सहयोग से मिट्टी परीक्षण और सीमांकन की प्रक्रिया अपनाई गई थी। इसके बाद डीएम स्तर से चिन्हित की गई 18 हेक्टेयर जमीन को न्यायालय के लिए हस्तांतरित करने की प्रक्रिया पूरी की गई। अब यहां समतलीकरण कार्य के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाना है। उम्मीद जताई जा रही हे कि लगभग 600 करोड़ की लागत से किए जाने वाले निर्माण के लिए शासन से जल्द ही बजट अवमुक्त किया जा सकता है। इसको देखते हुए नए साल (2026) के पहली तिमाही में भूमि पूजन की उम्मीद जताई जा रही है।
निर्माण को लेकर जरूरी कवायद जारी है। संबंधितों से संपर्क कर सहयोग लिया जा रहा है। इस बात का पूरा प्रयास है कि नए साल में निर्माण कार्य शुरू हो जाए।
- संतोष पटेल, साइट इंजीनियर।