स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों को खुले में शौचमुक्त (ओडीएफ) बनाने की कवायद के बाद अब सदर ब्लॉक के चार ग्राम पंचायतों के प्रधानों ने हर घर में एक पौधा लगवाने और शौचालय बनवाने का निर्णय लिया है। साथ ही रात में घरों की सुरक्षा के लिए 40 युवाओं की निगरानी टोली गठित करने का काम शुरू कर दिया है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले में स्वच्छता अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके पीछे गांवों को खुले से शौचमुक्त कराना है। राबर्ट्सगंज ब्लॉक की चार ग्राम पंचायतें इसमें विशेष रुचि ले रही हैं और यहां के प्रधानों ने कुछ नया करने की पहल शुरू कर दी है। अमोखर और बरवन सबसे पहले गांव हैं जो खुले में शौचमुक्त हैं। अब अमोखर के प्रधान कृष्णानंद, सेमर के राजाराम, हिंदुआरी के राजेश सोनी और बरवन की महिला प्रधान पार्वती देवी ने ग्राम पंचायतों को खुले में शौच मुक्त करने के साथ ही प्रत्येक घर में एक पौध लगाने और गांव में सुरक्षा समिति गठित करने की पहल शुरू की है।
इस दौरान बरवन की प्रधान पार्वती देवी और उनके पति रामआसरे ने बताया कि पहले ओडीएफ अभियान को लेकर ही थोड़ी परेशानी महसूस हो रही थी। महिलाओं को समझाना मुश्किल हो रहा था लेकिन अब महिलाओं ने ही पूरे अभियान को सफल बनाने का मोर्चा थाम लिया है। सेमर प्रधान राजाराम ने बताया कि एक सप्ताह में ही 25 शौचालय बन गए हैं और अभी और बनने हैं।
प्रधानों ने बताया कि ग्राम पंचायत में सुरक्षा के मद्देनजर 40-40 युवकों की टीम गठित की जा रही है। यह टीम रात में टोली बनाकर निगरानी करेगी ताकि चोरी जैसी घटनाओं को रोका जा सके। इससे लोगों को काफी फायदा पहुंचेगा। वहीं एसपी लल्लन सिंह ने प्रधानों के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इन ग्राम पंचायतों में सुरक्षा समितियों की हौसलाअफजाई की जाएगी और इस अभियान को गति देकर सुरक्षा की कमान ग्रामीणों के हाथ सौंपी जाएगी। यह एक अच्छी पहल है।