जनपद में शुक्रवार को 45 डिग्री तक उछले पारे ने लोगों को तड़पा के रख दिया। न्यूनतम पारा भी 27 डिग्री के आसपास बना रहा। यह दिन इस सीजन का सबसे गर्म दिन भी साबित हुआ। आसमान से बरसती आग, जहां जनजीवन को प्रभावित किए रही, वहीं जरूरी काम से बाहर निकले लोग सरदर्द, बदनदर्द, मितली, दस्त, बुखार की शिकायत लेकर अस्पतालों में पहुंचते रहे।
सुबह से ही सूर्य की किरणें तल्ख तेवर अपनाए रहीं। 11 बजते-बजते बाजार, गलियां सूनी सी हो गईं। बीच-बीच में जरूरी काम से निकले इक्का-दुक्का लोग ही सन्नाटे को तोड़ते रहे। अनपरा, बीजपुर, ककरी, बीना, शक्तिनगर, खड़िया, सिंगरौली सभी जगह एक जैसी हालत देखी गई। हाइवे पर भी अन्य दिनों की अपेक्षा वाहनों का आवागमन कम रहा। तमाम लोग खुद को सुबह से ही घरों में कैद किए रहे।
शाम पांच बजे के बाद हालत कुछ सामान्य हुई, तब लोग घरों से बाहर निकले। हालत यह थी कि दोपहर में महज आधे से एक घंटे के सफर ने लोगों की हालत बीमारों वाली बना दी। हर दस से बीस मिनट पर पानी की तड़प अलग परेशान किए रही। कमरों के अंदर बंद लोग भी उमस और तपिश की आंच से परेशान रहे। बीच-बीच में कटती बिजली पसीने से तरबतर करती रही। उधर, मौसम वैज्ञानिक राजन सिंह ने भी शुक्रवार को अब तक के सबसे गर्म दिन बताया। कहा कि जिले में अब तक सर्वाधिक पारा पिछले वर्ष 46 डिग्री रिकार्ड हुआ है। तीन दिनों से तपिश के जो तेवर देखने को मिले हैं, उससे यह संकेत मिल रहा है कि इस बार भी गर्मी का यह रिकार्ड टूट सकता है।