सूरज की तपिश से मंगलवार को भी राहत नहीं मिल पाई। लगातार दूसरे दिन भी अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार बना रहा। चिलचिलाती धूप और लू के थपेड़ों से बचने के लिए लोग दिन में घर के बाहर निकलने से हिचकते रहे।
दोपहर में बाजारों में चहल-पहल कम रही। लोग शीतल पेय पदार्थ, आम का पना पीकर गर्मी से राहत पाने की जुगते में लगे रहे। अप्रैल के तीसरे सप्ताह में जिले का औसत तापमान 39-40 डिग्री सेल्सिसस के आसपास रहा है।
इस बार यह 42 डिग्री के आंकड़े को भी पार कर गया। सोमवार को 42.8 और मंगलवार को अधिकतम पारा 42.4 डिग्री दर्ज हुआ। सुबह से ही धूप और लू का असर दिखने लग रहा है। लगन, बरात के मौसम के बाद भी दोपहर के वक्त बाजारों में लोग कम दिख रहे हैं।
ग्राहक न होने से दुकानदार भी शटर नीचे कर आराम फरमा रहे हैं। गर्मी में पानी का किल्लत भी गहराने लगा है। मौसम विज्ञान केंद्र चुर्क के प्रेक्षक राजन सिंह ने बताया कि मंगलवार को तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई।
सोमवार को अधिकतम तापमान 42.8 डिग्री था, जो मंगलवार को 42.4 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान भी 24.4 डिग्री सेल्सियस रहा। तेज हवाओं के कारण लू का असर बना रहा। मौसम में फिलहाल राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। लोग पूरी सावधानी के साथ घरों से बाहर निकलें।
-
प्याऊ और छाया की व्यवस्था करें निकाय : डीएम
गर्मी के प्रकोप को देखते हुए डीएम बद्रीनाथ सिंह ने सभी नगर निकायों में राहगीरों के लिए प्याऊ और छाया के इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी नगरों में प्रमुख चौराहों-तिराहों और भीड़ भाड़ वाले अन्य सार्वजनिक स्थल पर निशुल्क प्याऊ की व्यवस्था की जाय। जहां वाटर कूलर लगे हैं, उसे भी क्रियाशील हाल में रखें। राहगीरों के लिए छाया की व्यवस्था भी जगह-जगह कराई जाए, जिससे धूप में लंबे सफर के दौरान वह कुछ देर वहां ठहर सकें। उन्होंने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि अपने क्षेत्र के अस्पतालों का भ्रमण कर वहां कोल्ड रूम, दवाओं की उपलब्धता सहित अन्य सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित कराएं। डीएम ने लोगों से भी गर्मी में सावधानी बरतने और आपदा राहत विभाग की ओर से जारी निर्देशों का पालन करते हुए सुरक्षित रहने की अपील की है।