नगवां ब्लाॅक का सियरिया गांव कभी नक्सलियों का गढ़ था, अब वहां शिक्षा की अलख जगेगी। बिहार के सीमावर्ती क्षेत्र के इस गांव में जनजातीय वर्ग की बेटियों की शिक्षा के लिए आवासीय विद्यालय का निर्माण कराया जाएगा। जल्द ही विद्यालय भवन का निर्माण शुरू होने की उम्मीद है। इसके लिए जिला प्रशासन की तरफ से सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं।
आवासीय विद्यालय का निर्माण होने से बॉर्डर क्षेत्र की गांवों में निवास कर रहीं जनजातीय वर्ग की बेटियों को इंटर तक की पढ़ाई करने में सुगमता होगी। नगवां ब्लॉक के बाकी ग्राम पंचायत के राजस्व गांव सियरिया में पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय आश्रम पद्धति (बालिका) का निर्माण कराया जाना है। सियरिया गांव से बिहार बार्डर करीब चार किलोमीटर दूर है।
सीमावर्ती क्षेत्र में शिक्षा के पर्याप्त संसाधन नहीं होने और यहां से विद्यालय की दूरी ज्यादा होने के कारण जनजातीय वर्ग के गरीब अभिभावकों को अपनी बेटियाें की पढ़ाई जारी रखने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इसी को ध्यान में रखते हुए समाज कल्याण विभाग की तरफ से क्षेत्र में आवासीय विद्यालय का निर्माण कराने का निर्णय लिया गया।
बीते दिनों कार्ययोजना बनाकर शासन में प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे शासन स्तर से मंजूरी मिल गई है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो विद्यालय निर्माण के लिए सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई है। निर्माण कार्य के लिए पूर्व में पांच करोड़ रुपये भी शासन स्तर से जारी हो गया है। अब बस वित्तीय स्वीकृति के लिए शासन में पत्र भेजा गया है।
कार्यदायी संस्था यूपीसीडको की तरफ से विद्यालय का निर्माण कराया जाएगा। आवासीय विद्यालय में 490 जनजातीय वर्ग की बेटियों के रहने, खाने-पीने और पढ़ाई की व्यवस्था निशुल्क उपलब्ध होगी। कक्षा छह से 12 तक बेटियां पढ़ाई कर सकेंगी। विभागीय अधिकारियों की मानें तो सियरिया में जल्द ही विद्यालय भवन का निर्माण कार्य शुरू होगा।
-
कुलडोमरी, जुगैल में भी कराया जा रहा निर्माण
म्योरपुर ब्लॉक के कुलडोमरी और चोपन ब्लॉक के जुगैल क्षेत्र के बेलखड़ी गांव में जनजातीय छात्राओं के लिए राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय का निर्माण कराया जाएगा। दोनों जगह विद्यालय निर्माण के लिए भूमि का चयन कर लिया गया है। शासन से धन मिलने के साथ ही यहां भी निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही परसोई में भी एक आवासीय विद्यालय का निर्माण कार्य कराया जाना है।
वर्जन:
जनपद में जनजातीय वर्ग की आबादी अधिक है। इस वर्ग की बच्चियों की शिक्षा को ध्यान में रखते हुए राजकीय आश्रम पद्धति आवासीय विद्यालय का निर्माण कराया जा रहा है। नक्सल प्रभावित क्षेत्र सियरिया के साथ ही कुलडोमरी, जुगैल और परसोई में आश्रम पद्धति विद्यालय का निर्माण कराया जाएगा। जहां 490-490 छात्राएं शिक्षा प्राप्त कर सकेंगी। विद्यालय बनने से शिक्षा से वंचित रहे सीमावर्ती गांव की बच्चियां अच्छी शिक्षा प्राप्त कर सकेंगी।
- रमाशंकर यादव, जिला समाज कल्याण अधिकारी