उमसभरी गर्मी के कारण सूबे में बिजली की मांग में तेजी से इजाफा हो रहा है। बृहस्पतिवार को बिजली की मांग रिकार्ड बनाते हुए 27408 मेगावाट के करीब पहुंच गई। लगातार बिजली की खपत बढ़ने के कारण निगम पर दबाव बढ़ता जा रहा है। तकनीकी कारणों से अनपरा की दो इकाईयों से 710 मेगावाट का उत्पादन ठप है।
गत सोमवार को अनपरा तापीय परियोजना की 210 मेगावाट की तीसरी और 500 मेगावाट की पांचवीं इकाई ब्वायलर ट्यूब लीकेज के कारण बंद हो गई। परियोजनाकर्मी लीकेज को दुरुस्त करने में लगे हुए हैं। इकाइयों के बंद होने के कारण निगम को मांग पूरा करने के लिए निजी क्षेत्रों से महंगी बिजली खरीदनी पड़ रही है।
बृहस्पतिवार को प्रदेश में बिजली की अधिकतम मांग 27408 मेगावाट और न्यूनतम मांग 17524 मेगावाट पर रही। अनपरा तापीय परियोजना की 210 मेगावाट की पहली इकाई से 159 मेगावाट, दूसरी इकाई से 157 मेगावाट, 500 मेगावाट की चौथी इकाई से 471 मेगावाट, छठवीं इकाई से 455 मेगावाट और सातवीं इकाई से 466 मेगावाट पर उत्पादनरत रहीं। निजी क्षेत्र की लैंको परियोजना 600 मेगावाट की पहली इकाई से 536 मेगावाट और दूसरी इकाई से 567 मेगावाट पर उत्पादनरत रही।