अवैध खननकर्ताओं की सूची में शामिल चोपन ब्लॉक प्रमुख के पति एवं नगर पंचायत चेयरमैन इम्तियाज अहमद के भाई उस्मान अली द्वारा अवैध ढंग से कब्जा की गई सिंदुरिया की 0.721 हेक्टेयर जमीन अब ग्राम समाज के खाते में वापस होगी। इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में डीएम के निर्देश पर एसडीएम ने जांच के बाद गवर्नमेंट ग्रांट एक्ट की श्रेणी एक में भूमि दर्ज करने का आदेश दे दिया है। प्रशासन ने जमीन से कब्जा हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
सिंदुरिया की 1262/1124 रकबा 0.721 हेक्टेयर भूमि मालती देवी पत्नी अंबेशरण लाल के नाम श्रेणी एक ख गवर्नमेंट ग्रांट एक्ट में दर्ज थी। सहायक अभिलेख अधिकारी ओबरा ने 12 अप्रैल 2011 को इस भूमि को असंक्रमणीय भूमिधर घोषित कर दिया। छह दिन बाद ही न्यायालय एसडीएम प्रथम श्रेणी राबर्ट्सगंज ने 27 अप्रैल 2011 को संक्रमणीय भूमिधर घोषित कर दिया। बाद में 27 मई 2011 को एसडीएम ने पिछले आदेश को गलत बताते हुए संक्रमणीय भूमि को निरस्त कर दिया। 24 अगस्त 2011 को एसडीएम प्रथम श्रेणी राबर्ट्सगंज ने भूमि को राज्य सरकार के नाम घोषित कर दिया। इसके बाद 16 सितंबर 2013 को सदर एसडीएम ने संक्रमणीय भूमिधर घोषित कर दिया।
24 जुलाई 2014 को राबर्ट्सगंज तहसीलदार ने मालती देवी का नाम निरस्त कर बैनामा के आधार पर जितेंद्र शर्मा पुत्र स्व. त्रिवेणी शर्मा, उस्मान अली पुत्र मजनू भाई निवासी चोपन का नाम दर्ज करने का आदेश दे दिया। इसके बाद इस भूमि पर चोपन नगर पंचायत चेयरमैन इम्तियाज अहमद के भाई एवं ब्लॉक प्रमुख बबली के पति उस्मान अली का कब्जा हो गया। इस मामले में उमेश कुमार ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। मामला संज्ञान में आने पर डीएम सीबी सिंह ने तत्कालीन सदर एसडीएम कैलाश सिंह से मामले की रिपोर्ट तलब की। तत्कालीन एसडीएम कैलाश सिंह ने जांच के बाद 28 जुलाई को सिंदुरिया ग्राम पंचायत की आराजी नंबर 1262/1124 रकबा 0.721 हेक्टेयर भूमि को गवर्नमेंट ग्रांट एक्ट की श्रेणी एक में दर्ज करने का आदेश दे दिया।