विधानसभा चुनाव को लेकर पांच राज्यों के पुलिस और प्रशासनिक अफसरों की इंटर स्टेट बार्डर मीटिंग जनपद में हुई। कई अहम फैसले लिए गए। करीब तीन घंटे चली बैठक में तय हुआ कि चुनाव में हर हाल में फर्जी वोटिंग रोका जाए और नक्सलियों की चहलकदमी रोकी जाए।
सूूचनाओं का आदान-प्रदान किया जाए ताकि चुनाव में किसी तरह की गड़बड़ी न हो सके। चुर्क पुलिस लाइन में हुई संयुक्त बैठक में बिहार, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और झारखंड के पुलिस अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान बार्डर के पास वाले इलाकों के अपराधियों की सूची का आदान प्रदान किया गया। साथ ही नक्सल प्रभावित बार्डर के जिले का एक व्हाटसअप ग्रुप बनाने पर चर्चा हुई। आईजी वाराणसी जोन एसके भगत ने कहा कि पड़ोसी राज्यों के अधिकारियों के साथ बैठक कर विधानसभा चुनाव संपन्न कराने पर रणनीति तैयार की गई है। बताया कि कुछ लाभप्रद सूचनाएं मिली हैं, जिन पर संयुक्त रूप से काम करने की जरूरत है।
अवैध शराब, मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध रूप से रुपयों का चुनाव में प्रयोग रोका जाएगा। नक्सल प्रभावित जिलों को पर्याप्त फोर्स दी गई है। उन्होंने आयुक्त विंध्याचल मंडल रंजन कुमार, डीआईजी रतन श्रीवास्तव, डीएम सीबी सिंह, एसपी लल्लन सिंह से चुनाव संबंधी तैयारियों पर चर्चा की। आईजी ने रीवां (एमपी) के आशुतोष राय से सूचनाओं के आदान-प्रदान में सहयोग की अपील की।
साथ ही एसपी रोहतास मानवजीत सिंह ढिल्लो, एसपी भभुआ हरप्रीत कौर, एसपी बलरामपुर (छत्तीसगढ़) सदानंद कुमार, एसपी सीधी आदिल खां, एसपी रीवां संजय कुमार, एसपी सिंगरौली रुडोल्फ अल्वारेस, एसपी गढ़वा आलोक कुमार से नक्सलियों से निबटने और उनकी गतिविधियों पर जानकारी ली। बैठक में बार्डर पर नक्सलियों, अवांछनीय तत्वों के प्रवेश पर रोक लगाने के लिए प्रभावी चेकिंग, संयुक्त कांबिंग, पैदल गश्त, सीमा से जुड़ी नदियों में नाव के जरिए गश्त करने का निर्णय लिया गया। बैठक में डीएम मिर्जापुर कंचन वर्मा, एसपी मिर्जापुर कलानिधि नैथानी, एसपी चंदौली दीपिका तिवारी, सोनभद्र के एएसपी नक्सल डा. अवधेश सिंह, एएसपी चंद्रप्रकाश शुक्ला के साथ जिले के सभी सीओ और नक्सल क्षेत्र के थाना प्रभारी उपस्थित रहे।