सोनभद्र। कोन ब्लाॅक के मिटिहिनिया, बागेसोती, कचनरवा और रोरवा गांव की प्राथमिक जांच में जिस तरह से आवास निर्माण में गड़बड़ी के मामले सामने आए हैं, उससे गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। कोन के कई गांवों में कहीं आवास अधूरे हैं तो कहीं बने ही नहीं। जिले के प्रभारी मंत्री रविंद्र जायसवाल ने इस मामले में जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
कोन के चार गांवों में 175 आवासों (160 पीएम और 15 सीएम आवास) में सामने आई गड़बड़ी की खबर अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित की गई थी। महज मिटिहिनिया गांव में 30 से ज्यादा आवासों का निर्माण कराए बिना पूरी धनराशि का भुगतान कर दिया गया है। दिलचस्प तो यह है कि आवासों के निर्माण के एवज में मजदूरी का भुगतान किस्त में किया जाना चाहिए, लेकिन 2024 में एक साथ बिना किसी जांच के कर दिया गया।
मुख्यालय की टीम ने गांवों में जांच की, तब यह गड़बड़ी सामने आई। टीम के सामने जांच के लिए अभिलेख न प्रस्तुत न करने से शक और गहरा गया। प्राथमिक जांच में चार गांवों में इस तरह के गड़बड़ी की सामने आई है। इसके बाद जांच के लिए टीमें गठित कर दी गईं हैं। वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी मंत्री ने विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए हैं।
वर्जन-
आवास योजन में गड़बड़ी का मामला गंभीर है। इसकी जांच के निर्देश दिए गए हैं। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - रविंद्र जायसवाल, प्रभारी मंत्री सोनभद्र।