हवाई सेवा के जरिए पर्यटन को बढ़ावा देने की चल रही पहल से फिलहाल जिले के म्योरपुर को बाहर कर दिया गया है। प्रथम चरण के लिए जो टेंडर (निविदा) प्रक्रिया शुरू की गई है। उसमें सिर्फ इलाहाबाद, वाराणसी, गोरखपुर और आगरा को रखा गया है। इससे म्योरपुर से जल्द हवाई उड़ान शुरू होने की मंशा पर भी पानी फिर गया है। जबकि दो वर्ष पहले इसको लेकर शुरू हुई पहल में म्योरपुर को भी शामिल किया गया था।
सूबे के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल तक हवाई यात्रा के जरिए पहुंच आसान बनाने के लिए पर्यटन विभाग के जरिए प्रदेश सरकार दो वर्ष से अधिक समय से पहल जारी रखे हुए है। एक वर्ष पूर्व इसको लेकर टेंडर प्रक्रिया भी अपनाई गई थी, लेकिन इसमें कुछ दिक्कत आने के कारण प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। इसके बाद, पर्यटन के मद्दनेजर बनाई गई हवाई यात्रा नीति को संशोधित कर नए सिरे से कवायद शुरू की गई। इस बार की पहल में म्योरपुर को बाहर रख दिया गया है। पिछली बार कुल छह उड़ान तय की गई थी लेकिन इस बार तीन उड़ान रूट बनाया गया है।
पहला रूट लखनऊ-इलाहाबाद-गोरखपुर, दूूसरा रूट लखनऊ-गोरखपुर-इलाहाबाद, तीसरा रूट लखनऊ-वाराणसी-आगरा तय किया गया है। इसके तहत हवाई सेवा देने वाली कंपनियां 27 जून तक टेंडर डाल सकेंगी। 29 जून को इसे खोला जाएगा। उधर, पर्यटन विभाग के एयर सर्विस आपरेशन मैनेजर रवींद्र पांडेय और सलाहकार आलोक श्रीवास्तव भी टेंडर प्रक्रिया शुरू होने की पुष्टि की। बताया कि निविदा खुलने के छह माह भीतर उड़ान शुरू हो जाएगी।
म्योरपुर के सवाल पर कहा कि फिलहाल इसे बाहर रखा गया है। दूसरे चरण में म्योरपुर को भी जोड़ने की कोशिश होगी। बताते चलें कि औद्योगिक हब होने के नाते लंबे समय से म्योरपुर से हवाई सेवा की मांग की जा रही है। दो साल पूर्व यहां ट्रायल लैडिंग भी हुई थी, लेकिन अचानक से सारी कवायद ठंडे बस्ते में चले गई। बता दें कि म्योरपुर से उड़ान शुरू होने से ऊर्जांचल के साथ जहां पूरा दुद्धी तहसील क्षेत्र लाभान्वित होगा। वहीं मध्यप्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़ के लिए भी काफी सहूलियत होगी।