बेटे की मौत के बाद बीमा राशि के लिए पांच साल से परेशान दंपती को स्थायी लोक अदालत ने शुक्रवार को सुलह समझौते के आधार पर राहत दिलाई। कचहरी परिसर स्थित एडीआर भवन में संचालित लोक अदालत की तरफ से कराए गए सुलह-समझौते में बीमा कंपनी 10 लाख रुपये देने पर राजी हो गई। शुक्रवार को संबंधित दंपती को इसका चेक भी दिला दिया गया।
बभनी थाना क्षेत्र के नधिरा झिल्ली महुआ निवासी सुरसतिया और उसके रामलखन ने 24 अप्रैल 2025 को स्थायी लोक अदालत में इसके लिए मुकदमा दाखिल किया था। बताया था कि उनके बेटे रामनरेश की 10 सितंबर 2020 को सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। बेटे ने एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी से व्यक्ति दुर्घटना बीमा 10 लाख का करा रखा था। उसकी वैधता 12 जून 2020 से 11 जून 2021 तक थी। सभी कागजात उपलब्ध कराए जाने के बाद भी बीमा कंपनी ने धनराशि नहीं दी। लगभग डेढ़ साल की कवायद के बाद लोक अदालत ने बीमा कंपनी को बीमित राशि (10 लाख) देने के लिए राजी कर लिया। इसके बाद सुलह-समझौते के आधार पर मामले का निस्तारण करते हुए स्थायी लोक अदालत अध्यक्ष नरेंद्र बहादुर प्रसाद ने सुरसतिया और रामलखन को बीमा कंपनी से मिले पांच-पांच लाख का चेक प्रदान किया। बताया कि स्थायी लोक अदालत में जनहित सेवाओं से संबंधित मामले जैसे बिजली, पानी, अस्पताल, परिवहन, बीमा, शिक्षा, डाक, नगर पालिका आदि के मुकदमे बगैर किसी कोर्ट फीस के देखे जाते हैं। स्थायी लोक अदालत सदस्य नीरज सिंह ने बताया कि स्थायी लोक अदालत सुलह समझौते के आधार पर मामलों का निस्तारण कराती है। लोगों को इसका लाभ उठाना चाहिए। इस मौके पर सदस्य आशीष मिश्रा, अधिवक्ता अमित वर्मा, जमुना आदि मौजूद रहे।