शक्तिनगर। एनसीएल बीना में शुक्रवार को जांच टीम की मौजूदगी चर्चा में रही। शाम तक यह स्पष्ट नहीं हो सका कि यह टीम सीबीआई की है या एनसीएल की आंतरिक विजिलेंस। हालांकि यह जरूर साफ हुआ कि मामला प्रोजेक्ट के वे ब्रिज (तौल कांटा) से जुड़ा है।
एनसीएल बीना में कुल चार वे ब्रिज हैं। इनसे कोयला लेकर निकलने वाले ट्रक ट्रेलरों का वजन किया जाता है। आरोप है कि अधिक कोयला लेकर निकलने वाले वाहनों का तौल कम करके किया जा रहा था। इससे कोयला कारोबारियों को कमाई में मदद की जाती थी। इसी जानकारी पर टीम ने कोयला खदान क्षेत्र में मौजूद वे ब्रिजों की जांच की और इससे जुड़े अभिलेख व कुछ डिवाइस को कब्जे में ले लिया। कोयला क्षेत्र में यह खबर चर्चा में रही लेकिन देर रात तक यह साफ नहीं हो पाया कि जांच के लिए पहुंची टीम सीबीआई की थी या विजिलेंस की। इस मामले में अधिकारी भी कुछ बोलने से बचते रहे।
एनसीएल के डिप्टी मैनेजर सहित तीन हुए थे निलंबित
शक्तिनगर। जनवरी 2022 में कोयला कारोबार पर चोट करते हुए एनसीएल प्रबंधन ने डिप्टी मैनेजर सहित तीन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया था। यह कार्रवाई एनसीएल बीना कोयला प्रोजेक्ट के वे ब्रिज (तौल कांटा) पर मिली संदिग्ध इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के मामले में हुई थी। डिवाइस बरामदगी को खदान से ज्यादा कोयले का वजन कम कर बाहर निकाले जाने से जोड़ कर देखा गया था। इस मामले की जांच एनसीएल मुख्यालय की विजिलेंस टीम कर रही थी। शुरुआती जांच में लापरवाही उजागर होने पर बीना के डिप्टी मैनेजर (विद्युत एंव यांत्रिकी) अनुराग शाह व इलेक्ट्रिकल व मैकेनिकल विभाग के फोरमैन आशीष मिश्रा व प्रेमलाल पटेल को प्रबंधन ने निलंबित कर दिया था। अब फिर से इसी तरह का मामला सुर्खियों में है।