राबर्ट्सगंज ब्लॉक के मुसही गांव में सोमवार की शाम ग्रामीणों ने इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए होने वाली बोरिंग का कार्य रोक दिया। इस दौरान सदर एसडीएम और ग्रामीणों के बीच नोकझोंक भी हुई। फिर भी ग्रामीण बोरिंग करने देने के लिए तैयार नहीं हुए। उनका कहना था कि पहले गांव को पानी मिलेगा तभी बोरिंग होगी। हालांकि एसडीएम ने लिखित एकल ग्राम पेयजल योजना का प्रस्ताव शासन को एक सप्ताह के भीतर भेजवा दिया जाएगा और गांव में पेयजल की व्यवस्था की पहल के बाद ही यहां से जल की व्यवस्था कॉलेज के लिए की जाएगी, का आश्वासन दिया तब जाकर ग्रामीणों ने बोरिंग होने दिया।
शाम करीब छह बजे फोर्स के साथ एसडीएम कैलाश सिंह और सीटी सीओ सच्चिदानंद बोरिंग कराने के लिए मुसही पहुंचे। इसकी जानकारी जैसे चुर्क जिला पंचायत सदस्य मनोज सोनकर को हुई वे ग्रामीणों के साथ वहां पहुंच गए। इस दौरान एसडीएम ने ग्रामीणों को समझा-बुझा कर शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन वे कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थे। मनोज सोनकर ने कहा कि अगर गांव में इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए बोरिंग होगी तो सर्वप्रथम ग्रामीणों को पानी देना पड़ेगा। क्योंकि पूर्व में गांव में बोरिंग करके चुर्क-गुर्मा नगर पंचायत के लिए पानी ले जाया जाता है। लेकिन यहां के लोगों को बूंद भर पानी नहीं मिलता है। जबकि सक्षम अधिकारियों ने ग्रामीणों को पानी देने का वादा किया था।
ग्रामीणों ने कहा कि अगर पानी नहीं मिला तो बोरिंग नहीं होने दिया जाएगा। ग्रामीणों के रुख को भांपते हुए एसडीएम ने ग्राम प्रधान आरती सोनकर के मांगपत्र लिखा कि मैं एसडीएम आश्वासत करता हूं कि गांव में पेयजल की व्यवस्था का पहल करने के बाद ही यहां से जल कॉलेज के लिए जाएगा। इसके बाद ग्रामीण शांत हो हुए और रात करीब नौ बजे बोरिंग का कार्य शुरू हुआ। इस मौके पर बब्बू मिश्रा, संरज चंद्रवंशी, शानू मालवीय, नीतिश सिंह, रवि, संजय आदि मौजूद रहे।