म्योरपुर। सोनांचल से हवाई उड़ान के सपने पर ग्रहण लग गया है। महज तीन बीघा जमीन के विवाद के चलते म्योरपुर में एयरपोर्ट के निर्माण का काम तीन साल से ठप है। हाल-फिलहाल संचालन शुरू होने की उम्मीद न दिखने पर एयरपोर्ट अथारिटी ऑफ इंडिया ने कई सामानों और महंगे उपकरणों को अन्यत्र शिफ्ट कर दिया है। अब भवन भी देखरेख के अभाव में क्षतिग्रस्त होने लगा है। लोहे के निर्माण पर जंग लग रहा है। देश-दुनिया के विभिन्न हिस्सों में हवाई सफर कर पहुंचने का सपना संजोए आदिवासी मायूस हैं।
रिजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत म्योरपुर में माैजूद हवाई पट्टी को सरकार एयरपोर्ट के रूप में विकसित कर रही है। इसके लिए वर्ष 2018 में काम शुरू हुआ था। रनवे, विमानों की पार्किंग, टर्मिनल, प्रशासनिक भवन, अग्निशमन सहित अन्य भवनों का काम तेजी से शुरू हुआ था।
कोरोना के कारण विलंबित हुए निर्माण कार्य को पहले 2022 के विधानसभा चुनावों से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। इस बीच पार्किंग व टर्मिनल एरिया की तीन बीघा जमीन को लेकर वर्ष 2021 में एक किसान की ओर से दायर याचिका से काम ऐसा अटका कि अब तक शुरू नहीं हो पाया। हाईकोर्ट में लंबित मामले की प्रशासन की ओर से कमजोर पैरवी के चलते एयरपोर्ट का काम ठप है।
निर्माण की बात करें तो भीतरी भाग में लगभग काम पूरा हो चुका है, केवल टर्मिनल बिल्डिंग का आधा हिस्सा और पार्किंग का एरिया अधूरा पड़ा है। बाहरी भाग में सड़क डायवर्जन का काम भी हो चुका है। करीब 80 फीसदी काम पूरा होने के बाद भी एयरपोर्ट के संचालन की उम्मीद न देख एयरपोर्ट अथारिटी ने यहां के लिए कई कीमती मशीनाें अन्यत्र शिफ्ट कर दिया। निर्माण कार्य में लगी मशीनें भी कार्यदाई संस्था ने दूसरे स्थान पर भेज दिया है। वर्तमान समय में एयरपोर्ट अथारिटी ऑफ इंडिया ने एक मैनेजर और एक अवर अभियंता की तैनाती यहां की गई है, जो ऑफिस के काम में लगे हुए हैं। इस संबंध में एसडीएम दुद्धी सुरेश राय ने कहा कि हाईकोर्ट में मामला विचाराधीन होने से काम लंबित है। हाईकोर्ट के निर्णय के बाद ही एयरपोर्ट का निर्माण संभव हो सकता है।
साथ के अन्य एयरपोर्ट चालू
म्योरपुर के साथ ही रिजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत प्रदेश में आजमगढ़, चित्रकूट सहित अन्य स्थानों पर भी एयरपोर्ट का काम शुरू हुआ था। अन्य सभी एयरपोर्ट से उड़ान शुरू हो चुकी है, मगर म्योरपुर की प्रक्रिया जहां की तहां अटकी हुई है। इस बीच मप्र की सीमा में सिंगरौली से भी एयर टैक्सी की सेवा शुरू हो चुकी है।