सोनभद्र। जिला कारागार गुरमा आने-जाने के लिए घाघर नदी पर बना पुल ही एक मात्र रास्ता है। करीब 60 साल पहले बना 300 मीटर लंबा यह पुल मौजूदा समय में जर्जर हो गया है। इससे जिला कारागार के साथ ही आस-पास के गांवों में लोगों का आवागमन करने में भय बना रहता है। लंबे समय से जर्जर पुल के पास में नया पुल निर्माण कराने की मांग चल रही है। हालांकि लोक निर्माण विभाग की तरफ से नया पुल निर्माण कराने का रास्ता साफ हो गया है। घाघर नदी पर करीब दो करोड़ रुपये से नए पुल का निर्माण कराया जाएगा।
जानकारी के अनुसार चुर्क में सीमेंट फैक्ट्री के स्थापना के दौरान 1960 में घाघर नदी पर पुल का निर्माण कराया गया था। इसी पुल से गुरमा के लोग आवागमन करते थे। मौजूदा समय में यह पुल जर्जर हो गया है। घाघर पुल के पास भारी वाहनों का आवागमन वर्जित का बोर्ड भी लगा है। इसके बावजूद जर्जर पुल से भारी वाहनों का आवागमन जारी है। शासन में नया पुल निर्माण कराने का प्रस्ताव भेजा गया है। शासन से धन मिलने के साथ ही पुल का निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। घाघर नदी पर पुल बनने से जिला कारागार गुरमा सहित क्षेत्र के अन्य इलाकों में आवागमन में सहूलियत होगी।
मारकुंडी-गुरमा मार्ग गड्ढों में तब्दील
सलखन। सदर ब्लॉक अंतर्गत मारकुंडी मुख्य राजमार्ग से जिला कारागार गुरमा मुख्य मार्ग गड्ढों में तब्दील हो गया है। जिससे राह चलना भी मुश्किल हो गया है। इसी रास्ते से जिला कारागार बंदियों के वाहनों के साथ जिले के आलाधिकारियों का भी आवागमन होता रहता है। मगर, जर्जर सड़क की सुध लेने वाला कोई नहीं है। क्षेत्र के रामकिशुन, मदन मोहन यादव, राजेश कुमार, रैन सिंह, अमित सिंह, रहिम खां, इरफान अली, रवि आदि ने नवागत जिलाधिकारी बद्रीनाथ सिंह से सड़क मरम्मत कराए जाने की मांग की है। इस संबंध में पीडब्ल्यूडी के जेई एसके पांडेय ने बताया कि मारकुंडी से जिला कारागार गुरमा तक संपर्क मार्ग का नवीनीकरण के लिए स्वीकृति मिल गई है। जल्द काम चालू कराया जाएगा।
जिला कारागार गुरमा मार्ग पर स्थित घाघर नदी पर बना पुल जर्जर पुल के रूप में चिह्नित किया गया है। यहां नया पुल निर्माण कराने के लिए एस्टीमेट तैयार कर शासन में भेजा गया है। नए पुल के निर्माण पर करीब दो करोड़ रुपये की लागत आएगी। शासन से धन मिलने के साथ ही पुल का निर्माण शुरू कराया जाएगा। - शैलेश ठाकुर, एक्सईएन, प्रांतीय खंड पीडब्ल्यूडी।