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चंद्र ग्रहण से दस घंटे बंद रहे मंदिरों के कपाट

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ाबर्ट्सगंज रामजानकी मंदिर में चंद्र ग्रहण लगने पर बंद हनुमान जी का पट। - फोटो : SONBHADRA
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सोनभद्र। कार्तिक पूर्णिमा पर मंगलवार को चंद्र ग्रहण होने के चलते सुबह के वक्त सूतक लगने से पहले मंदिरों में पूजा पाठ की गई। इसके बाद मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए। ग्रहण काल के बाद मंदिरों के कपाट खोले गए और पूजा पाठ हुआ। वहीं ग्रहण काल के दौरान लोगों ने मंत्र जाप किए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चंद्रग्रहण से नौ घंटे पूर्व तथा सूर्य ग्रहण से 12 घंटे पूर्व सूतक लग जाता है। इस दौरान भोजन करना निषेध है। मंगलवार को चंद्रग्रहण से नौ घंटे पूर्व यानी सुबह करीब सवा नौ बजे सूतक लग गया। सूतक लगने से पूर्व मंदिरों की साफ-सफाई करके पूजा पाठ किया गया। इसके बाद मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए। पूरे दिन मंदिर के कपाट बंद रहे। शाम पांच बजकर नौ मिनट से चंद्रग्रहण आरंभ हुआ, जो 6 बजकर 19 मिनट तक रहा। चंद्रदेव के मोक्ष के बाद मंदिरों के कपाट खोले गए। मंदिरों में साफ-सफाई करते हुए पूजा पाठ शुरू हुआ और संध्या आरती की गई। जिला मुख्यालय राबर्ट्सगंज नगर स्थित संकट हरण श्री सिद्ध हनुमान जी मंदिर, संकट मोचन मंदिर, श्रीराम जानकी मंदिर सहित अन्य देवी मंदिरों में पूजा पाठ किया गया। संकट मोचन मंदिर में देर शाम तक सुंदर कांड पाठ हुआ। ग्रहण कॉल के बाद मंदिरों में दर्शन पूजन करने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। वहीं ग्रहण काल के दौरान लोगों ने मंत्र शक्ति बढ़ाने के लिए मंत्रों का जाप किया।

ाबर्ट्सगंज प्राचीन शीतला माता मंदिर में चंद्र ग्रहण लगने पर बंद माता का पट।- फोटो : SONBHADRA

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