दुद्धी को जिला बनाओ संघर्ष समिति का अधिवेशन शनिवार को तहसील परिसर में संपन्न हुआ। इसमें हाथ उठाकर संघर्ष का संकल्प लिया गया। मौके पर 51 सदस्यीय समिति का गठन हुआ। इसमें सपा के पूर्व विधानसभा दुद्धी के अध्यक्ष अवध नारायण यादव को अध्यक्ष चुनाव गया। साथ ही मांग के समर्थन में लखनऊ में धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया।
अधिवेशन में डूमरडीहा, मूरता, बोम, मझौली, बीडऱ, रजखड़, धनौरा, कोरची आदि गांवों के प्रधान जुलूस की शक्ल में अधिवेशन स्थल पर पहुंचे। विभिन्न दलों के नेता ने हिस्सा लेकर आंदोलन को और गति देने की रणनीति तय की। यहां वक्ताओं ने कहा कि दुद्धी को जिला बनाने की मांग नई नहीं है। इसको लेकर पूर्व में सर्वे भी हो चुका है। पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने पूर्व में इसे जिला बनाने की और पिपरी में मुख्यालय का एलान भी किया था, लेकिन बाद में यह मसला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। कहा कि दुद्धी और आसपास के तमाम ऐसे गांव हैं, जो जिला मुख्यालय से करीब सौ किमी दूर हैं। ऐसे में मुख्यालय पर किसी काम के लिए जाना लोगों के लिए परेशानी भरा सबब होता है। कई बार इस मांग को लेकर धरना प्रदर्शन किया जा चुका है।
अब तक सरकार को जिला बनाने का प्रस्ताव भी प्रशासन नहीं भेज सका है। वक्ताओं ने कहा कि जब तक मांग पूरी नहीं होती है, यह आंदोलन चलता रहेगा। अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य वे विरत रहकर इस आंदोलन को समर्थन दिया और अधिवेशन में हिस्सा लिया। संचालन समिति के महासचिव प्रभु सिंह एडवोकेट, दिनेश अग्रहरि और सत्यनारायण यादव ने संयुक्त रूप से की। इस मौके पर हृदय नारायण गोड़, देवनारायण खरवार, डा. लवकुश प्रजापति, नकछेदी यादव, सोना बच्चा अग्रहरि, कमलेश कमल, पारसनाथ गुप्ता, बिंदू गिरि, सत्यनारायण यादव, साबिर हुसैन, राजेंद्र श्रीवास्तव, जवाहर लाल अग्रहरि मौजूद रहे।