दुद्धी को जिला बनाने की मांग को लेकर तहसीलदार को ज्ञापन सौपते अधिवक्ता सहित अन्य।
दुद्धी को जिला बनाओ संघर्ष मोर्चा और अधिवक्ताओं ने शनिवार को संयुक्त रूप से जुलूस निकाला। साथ ही नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। इस दौरान अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। जुलूस कचहरी परिसर से नगर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ तहसील परिसर पहुंचा और सभा के रूप में तब्दील हो गया। यहां राज्यपाल के नाम संबोधित मांगपत्र तहसीलदार जितेंद्र कुमार सिंह को सौंपा गया।
सभा में वक्ताओं ने कहा कि यदि सरकार दुद्धी को जिला नहीं बनाती है तो आने वाले विधानसभा चुनाव में इसकी कीमत सपा को चुकानी पड़ सकती है। कहा कि प्रदेश सरकार दुद्धी को जिला बनाने की मांग को गंभीरता से नहीं ले रही है और जनता की मांग को ठंडे बस्ते में डाल दी है। प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री ने विगत वर्षों में अनपरा के दौरे पर दुद्धी को जिला बनाओ संघर्ष मोर्चा से मिल कर जिला बनाने की भरोसा दिलाया था लेकिन मुख्यमंत्री के वादे को दो वर्ष बीत गए, उसके बावजूद मुख्यमंत्री ने अभी तक दुद्धी को जिला बनाने पर ठोस कदम नही उठाया और न ही दुद्धी को जिला बनाने की घोषणा की। कहा कि दुद्धी परिक्षेत्र में जिला बनाए जाने के पर्याप्त जगह एवं संपूर्ण संसाधन मौजूद हैं।
क्षेत्र तीनों ओर से नदियों से घिरा है, इसलिए यहां पर अभी पेयजल आपूर्ति बाधित नहीं हुई हैं। कहा कि इसको लेकर शासन से रिपोर्ट मांगी गई थी लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के चलते अब तक रिपोर्ट लखनऊ नहीं भेजी गई है। इस मौके पर जिला बनाओ संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष अवधनारायण यादव, सत्यनारायण यादव, प्रेमचंद यादव, राजेंद्र श्रीवास्तव, दिनेश अग्रहरि, रामपाल जौहरी, आईजेड खां, जितेंद्र श्रीवास्तव, शशि गुप्ता, वरुणोदय जौहरी, प्रभु सिंह, पारस नाथ गुप्ता, रामलोचन तिवारी, नंदलाल, कुलभूषण पांडेय, मनोज तिवारी, विपिन बिहारी, आशीष गुप्ता मौजूद रहे।